AVN News Desk New Delhi: कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. कांग्रेस पार्टी ने इस लिस्ट में 39 उम्मीदवारों (प्रत्याशियों) का ऐलान किया है. कांग्रेस पार्टी ने अपनी यूथ बिग्रेड पर पुरा भरोसा जताया है. लिस्ट में 39 उम्मीदवारों में से 12 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 साल से भी कम है.
इन सभी दिग्गजों को मिला टिकट
कांग्रेस पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है, जिसमें लोकप्रिय नेता राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता शशि थरूर और केसी वेणुगोपाल जैसे बड़े नेताओं का नाम शामिल है.

कांग्रेस ने स्पष्ट की चुनावी रणनीति?
कांग्रेस पार्टी ने इस लिस्ट के साथ ही लोकसभा चुनाव में जाने की अपनी पुरी रणनीति को भी स्पष्ट कर दिया है. पार्टी की पहली लिस्ट में 15 जनरल तो 24 एससी-एसटी (ST-SC) ,ओबीसी (OBC) और अल्पसंख्यक वर्ग के उम्मीदवारों को जगह दी है. साथ ही इस लिस्ट में कांग्रेस ने अपनी यूथ बिग्रेड पर पूरा भरोसा जताया है. जानकारों का मानना है कि कांग्रेस पार्टी ने इस लिस्ट के जरिए सामाजिक न्याय के सांचे में फिट होने की पूरी-पूरी कोशिश की है.
पहली लिस्ट में साउथ पर पूरा फोकस
कांग्रेस पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में साउथ पर पूरा फोकस किया है. इस लिस्ट में केरल की 16 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों का नाम की घोषणा की है. तो कर्नाटक की 7 लोकसभा सीटों पर भी अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है. और तेलंगाना की 4 लोकसभा सीट पर भी उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है.
वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर तिरुवनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र से टिकट मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मैं सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहा हूं कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे अपनी सीट बचाने का फिर से मौका दिया है… मैं एक निष्पक्ष और प्रभावी मुकाबले की उम्मीद करता हूं. 15 साल की राजनीति में, मुझे कभी भी नकारात्मक प्रचार के लिए एक दिन भी खर्च करने की जरूरत बिलकुल नहीं पड़ी.’
#WATCH | Congress leader Shashi Tharoor to contest from Thiruvananthapuram Lok Sabha constituency
" I am honoured and humbled that the Congress party has give me an opportunity to defend my seat…I look forward to a fair and effective contest. in 15 years of politics, I never… pic.twitter.com/lHfEW7RAvN
— ANI (@ANI) March 8, 2024
कांग्रेस पार्टी की पहली लिस्ट में इन बड़े चेहरों को मिला है मोका
राहुल गांधी: कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से राहुल गांधी को केरल की वायनाड सीट से मैदान में उतारा है. हालांकि, राहुल गांधी इस बार अपनी परंपरागत सीट अमेठी से चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस जो कि तो बना हुआ है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2019 की लोकसभा चुनाव में अमेठी और वायनाड , दोनों ही सीटों से चुनाव लड़ा था. इस दौरान वह अमेठी लोकसभा सीट हार गए थे और वायनाड लोकसभा से बहुत बड़ी जीत दर्ज की थी. राहुल गांधी को वायनाड में 6 लाख 64 हजार वोट मिले थे और उन्होंने 4 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी.
भूपेश बघेल: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. इस सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है. इस लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से ही अब तक कुल 17 चुनाव हो चुके हैं. छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र में 1952 से लेकर 1999 तक 13 बार चुनाव हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर नतीजे कांग्रेस पार्टी के ही पक्ष में रहे हैं. हालांकि साल 2000 में मध्य प्रदेश के विभाजन से बने छत्तीसगढ़ के अस्तित्व में आने के बाद से यहां 2007 में एक उपचुनाव के अलावा तीन लोकसभा चुनाव भी हुए हैं. 1999 के बाद से 2007 के उपचुनावों के अलावा सभी चुनावों (1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 ) में भाजपा ने सीट पर कब्जा करने में कामयाब रही है.
डीके सुरेश: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के छोटे भाई डीके सुरेश को बेंगलुरु ग्रामीण सीट से एक बार फिर से उम्मीदवार बनाया गया है. कर्नाटक से डीके सुरेश कांग्रेस पार्टी के इकलौते सांसद हैं. डीके सुरेश की सियासी पारी 2013 में ही शुरू हुई थी. तब पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी ने लोकसभा सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 21 मई 2013 को हुए उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने डीके सुरेश को उम्मीदवार बनाया था. इस उपचुनाव में जीतकर ही डीके सुरेश पहली बार लोकसभा पहुंचे थे. उसके बाद 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भी डीके सुरेश को ही जीत मिली. 2019 में डीके सुरेश ने भाजपा के ए. नारायण गौड़ा को दो लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था.
केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस पार्टी ने केसी वेणुगोपाल को केरल की अलाप्पुझा सीट से मैदान में उतारा है. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र संगठन NSUI (एनएसयूआई) से ही की थी. 1987 से 1992 तक वे NSUI के केरल प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे. 1991 में 28 साल की उम्र में पहली बार उनको केरल की कासरगोड लोकसभा सीट से मैदान में उतारा गया था. हालांकि वह 10 हजार वोट के अंतर से तब चुनाव हार गए थे. वह 2009 में आलप्पुझा सीट से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीते थे. केसी वेणुगोपाल इस समय राजस्थान से कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं.
शशि थरूर: कांग्रेस पार्टी ने शशि थरूर को केरल की तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से एक बार फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है. शशि थरूर यहां से 2009 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं. शशि थरूर ने 2019 में चार लाख से भी अधिक वोटो से जीत दर्ज की थी. लंदन में जन्मे शशि थरूर की पढ़ाई भी विदेश से ही हुई है. वह राजनीति के अलावा अपनी फर्राटेदार इंग्लिश और लाइफस्टाइल को लेकर भी काफी सुर्खियों में बने रहते हैं. वह अपने छात्र जीवन से ही राजनीति में खासा एक्टिव रहे हैं. भारत सरकार ने साल 2006 में शशि थरूर का नाम संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद के लिए रखा था. उन्होंने 29 साल तक यूएन में अपनी सेवाएं दीं है. डॉ.मनमोहन सिंह सरकार में शशि थरूर साल 2009 में विदेश मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. इसके अलावा साल 2012 में शशी थरूर को केंद्रीय राज्य मंत्री, मानव संसाधन विकास के तौर पर फिर से कैबिनेट में शामिल किया गया था.
गीता शिव राजकुमार: कर्नाटक के पूर्व सीएम बंगारप्पा की बेटी और कन्नड़ अभिनेता शिव राजकुमार की पत्नी व प्राथमिक शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा की बहन गीता शिवराजकुमार को भी मैदान में उतारा गया है. उन्हें शिमोगा से उम्मीदवार बनाया गया है. इससे पहले 2014 में वह जेडीएस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि वह हार गई थीं. वह पिछले साल ही जेडीएस छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुई हैं.
