जमुई: शराब तस्करों के नए हथकंडे का खुलासा
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस ने डाक विभाग का फर्जी बोर्ड लगी एक पिकअप वैन से 10.80 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब जब्त कर बड़ी सफलता हासिल की है। वही इस कार्रवाई में वाहन चालक को भी गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर ही पुलिस ने शुरू की जांच
सिमुलतला थानाध्यक्ष रूबी कुमारी को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप इलाके से गुजरने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने रेलवे सबवे के समीप वाहनों की जांच अभियान शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस की नजर बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध पिकअप वैन पर पड़ी। वाहन पर ‘डाक पार्सल’ का बोर्ड लगा हुआ था, जिससे पहली नजर में यह सरकारी डाक सेवा का वाहन प्रतीत हो रहा था।
पुलिस को देखकर भागने लगा चालक
जब पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो चालक तेजी से वाहन लेकर भागने लगा। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल पीछा किया और थाना गेट के सामने वाहन को ओवरटेक कर रोक लिया।
वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए। अंदर भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी।
1,080 लीटर से अधिक विदेशी शराब बरामद
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में कुल 1,080.72 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत 10,80,720 रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने मौके से चालक कृष्णा धीवर (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। वह झारखंड के धनबाद जिले के धनसार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरमसिया का निवासी बताया गया है।
पूछताछ में सामने आया तस्करी का पूरा रूट और बांका पहुंचनी थी खेप
गिरफ्तार चालक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि शराब की खेप धनबाद से लोड की गई थी। बाद में वाहन उसे देवघर में सौंपा गया था। वही,वहां से शराब को सिमुलतला-सुईया मार्ग के कनौदी गांव होते हुए बांका में पहुंचाया जाना था।
वाहन की तलाशी के दौरान कुल 121 कार्टन रायल मेंशन गोल्ड व्हिस्की बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 1,080.72 लीटर है। 180 एमएल की 1104 बोतलें (23 कार्टन) 198.72 लीटर, 375 एमएल की 1560 बोतलें (65 कार्टन) 585 लीटर तथा 750 एमएल की 396 बोतलें (33 कार्टन) 297 लीटर बरामद की गई।

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े सभी अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
मोबाइल नेटवर्क और गिरोह की जांच में जुटी है पुलिस
थानाध्यक्ष रूबी कुमारी ने बताया कि जब्त मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल हैं और शराब माफियाओं का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।
संभावना जताई जा रही है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो झारखंड से बिहार के विभिन्न जिलों में शराब की आपूर्ति करता है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस सफल अभियान में थानाध्यक्ष रूबी कुमारी के अलावा अवर निरीक्षक पंकज कुमार, नीलम कुमार, आयुषी तथा गश्ती दल के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी शराब खेप को गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही जब्त कर लिया गया।
शराब तस्कर कानून से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं
सिमुलतला पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शराब तस्कर कानून से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्क निगरानी उनके मंसूबों पर पानी फेर रही है। डाक विभाग का फर्जी बोर्ड लगाकर शराब की तस्करी का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
Written by : Chandan Patel.
