असम की सियासत में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव की संभावित तारीखों से पहले कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित चुनाव से पहले यह सूची राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है।


जोरहाट से मैदान में उतरेंगे गौरव गोगोई
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता और जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई को कांग्रेस ने जोरहाट विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। उनका विधानसभा चुनाव लड़ना पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इसके अलावा अभिजीत पॉल को सिलचर, इंद्रनील पेगु को माजुली और मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को दिसपुर से टिकट दिया गया है। वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा बरचल्ला से चुनावी मैदान में होंगे।
आरक्षित और सामान्य सीटों पर संतुलित चयन
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपर असम, लोअर असम और बराक घाटी की कई महत्वपूर्ण सीटों पर उम्मीदवारों का चयन किया है। पार्टी ने आरक्षित (SC) और सामान्य दोनों तरह की सीटों पर सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है।
गिरीश बरुआ – बोंगाईगांव
महानंदा सरकार – बरपेटा (SC)
रामेन सिंह राभा – बोको-चायगांव (SC)
नंदिता दास – हाजो-सुआलकुची (SC)
सत्यब्रत कलिता – कमलपुर
कई मौजूदा विधायकों को भी पहली सूची में दोबारा मौका दिया गया है, जिससे पार्टी अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में दिख रही है।
मध्य और अपर असम में भी दांव
कांग्रेस ने दिगंता बर्मन को बरखेत्री, अशोक कुमार सरमा को नलबाड़ी और रतुल पटुवारी को तिहु से उम्मीदवार बनाया है।
साथ ही सिपाझार से बिनंदा कुमार सैकिया, जागीरोड (SC) से बुबुल दास, रूपाहिहाट से नूरुल होदा, समागुरी से तंजील हुसैन और राहा (SC) से उत्पल बनिया को टिकट दिया गया है।पार्टी का दावा है कि जिन 42 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए गए हैं, वहां जीत की संभावनाएं मजबूत हैं।
असम की 126 सीटों पर होगा मुकाबला
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा निर्वाचन आयोग (ECI) किसी भी दिन कर सकता है। राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं।
मौजूदा विधानसभा का गणित
वर्तमान विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 64 विधायक हैं। उसके सहयोगियों में असम गण परिषद के 9, यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल के 7 और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के 3 सदस्य शामिल हैं।
वहीं विपक्ष में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 26 विधायक, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के 15 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का 1 विधायक है। एक निर्दलीय विधायक भी सदन में मौजूद है।
2021 का चुनाव परिणाम: NDA की ऐतिहासिक वापसी
साल 2021 के असम विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 75 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी। यह राज्य में पहली बार था जब किसी गैर-कांग्रेसी गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं, जो 2016 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन था।
क्या बदलेगा इस बार का समीकरण?
कांग्रेस की पहली सूची से साफ है कि पार्टी इस बार आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर रही है। वरिष्ठ नेताओं को सीधे चुनावी अखाड़े में उतारना और क्षेत्रीय संतुलन बनाना उसकी प्राथमिकता है। अब नजर इस बात पर है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल अपनी रणनीति कैसे तय करते हैं और आगामी चुनाव में जनता किसे सत्ता सौंपती है।
असम की सियासत में मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है।
