76th Republic Day: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो अपनी पहली भारत यात्रा पर बृहस्पतिवार रात नई दिल्ली पहुंचे हैं। हवाई अड्डे पर विदेश राज्य मंत्री पावित्रा मार्गेरिटा ने उनका स्वागत किया। सुबियांतो 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आए हैं।

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो और विदेश राज्य मंत्री पावित्रा मार्गेरिटा

वही,विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि, ‘इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।’

गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति होंगे सुबियांतो

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों की उम्मीद है। वह गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति होंगे। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे।

ये समझौते हो सकते हैं

इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें खरीदने का इच्छुक है। ऐसे में सुबियांतो की यात्रा के दौरान इस आशय की घोषणा हो सकती है। वे शनिवार को पीएम मोदी के साथ वार्ता भी करेंगे। उनकी यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले कुछ लोगों ने बताया कि वार्ता में रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, पर्यटन और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी।

कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगा इंडोनेशियाई मार्चिंग और बैंड दल

इंडोनेशिया का 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दल कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगा। यह पहली बार होगा जब इंडोनेशिया का दल विदेश में राष्ट्रीय दिवस परेड में शामिल होगा।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इंडोनेशिया से 162 सदस्यों वाला मार्चिंग दस्ता और 190 सदस्यों वाला बैंड दल भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होंगे। यह पहली बार है, जब इंडोनेशियाई दल किसी दूसरे देश के राष्ट्रीय परेड में भाग ले रहा है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य और सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक है।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों में आई है तेजी

पिछले कुछ वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों में तेजी आई है। पीएम मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की, जिसके दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। प्रबोवो सुबियांतो इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत कर चुके हैं। इंडोनेशिया में राष्ट्रपति चुने जाने के बाद सुबियांतो ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों के बीच भारत-इंडोनेशिया के सभ्यतागत रिश्तों को आगे बढ़ाने से लेकर कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर बात हुई थी। इसके अलावा दोनों नेताओं ने 2024 में ब्राजील के रियो डी जेनेरो में जी20 सम्मेलन के दौरान भी मुलाकात की थी।

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो

इतना होता है व्यापार

2018 में रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों में भी लगातार विस्तार देखा गया है। भारत की एक्ट ईस्ट नीति में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) क्षेत्र में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक है। 2023 में भारत-इंडोनेशिया व्यापार की मात्रा 29.40 बिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई। इंडोनेशिया में बुनियादी ढांचे, बिजली, कपड़ा, इस्पात, मोटर वाहन, खनन, बैंकिंग और उपभोक्ता सामान क्षेत्रों में भारतीय निवेश 1.56 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।

आप को बता दें कि इंडोनेशिया भारतीय मूल के लगभग 150,000 व्यक्ति रहते हैं। ये वो लोग हैं, जिनके पूर्वज 19वीं और 20वीं शताब्दी में इंडोनेशिया में चले गए थे।

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