78th Independence Day 2024 : आज का दिन हर भारतीय के लिए गौरव का दिन और छन है। 15 अगस्त… स्वतंत्रता दिवस… इंडिपेंडेंस डे… चाहे जिस नाम से आप पुकार लो। लेकिन वो सभी नाम पुकारते हुए अगर आपको भारत के शूरवीरों की याद न आए, तो दोबारा सोचना होगा। क्योंकि आज हम जिस आजादी का जश्न मना रहे हैं, ये उन्हीं की बदौलत है।

लहू वतन के हमारे शहीदों का रंग लाया है

उछल रहा है जमाने में नाम-ए-आजादी
फ़िराक़ गोरखपुरी की ये पंक्तियों के जरिए हम उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए , जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश को आज़ाद कराने के लिए संघर्ष किया था।

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,
हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलिस्तां हमारा

यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा, सब मिट गए जहाँ से।
अब तक मगर है बाक़ी, नाम-ओ-निशाँ हमारा।।

कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी।
सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-ज़माँ हमारा।

ये सभी पंक्तियां हमें याद ही दिलाती हैं कि हमारा देश कितना महान और अनेकताओं से भरा हुआ है। हमारे देश की संस्कृति, भाषा और परंपराएं हमें एक अनोखी पहचान देती हैं। और इस पहचान के लिए हमने कितना लंबा संघर्ष किया है।

अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का बलिदान देकर हमें स्वतंत्रता दिलाई है। उनके साहस और बलिदान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनकी वीरता को नमन करते हुए हमें यह भी याद रखना चाहिए कि आजादी सिर्फ हमारा अधिकार नहीं। स्वतंत्रता का मतलब केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं है। आजादी के साथ आती हैं जिम्मेदारियां। हर 15 अगस्त हमें फिर से याद दिलाता है कि हमें अपनी स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और समानता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा।

स्वतंत्रता

आजादी का जश्न मनाते हुए हमें ये बिलकुल भी नहीं  भूलना चाहिए कि हमें अभी भी देश की प्रगति और उन्नती के लिए कितना कुछ किया जाना अभी बाकी है। यह सुनिश्चित करना भी अभी बाकी है कि भारत का हर नागरिक स्वतंत्रता दिवस पर खुद को सशक्त, आजाद और सुरक्षित महसूस कर रहा हो की नहीं। कोई भूखा न हो। हर व्यक्ति शिक्षित हो। सबके सिर पर छत हो। हर शरीर स्वस्थ हो। हर युवा के पास रोजगार हो।

आइए.. हम एक राष्ट्र के रूप में हमारे सामने आने वाली चुनौतियों को भी स्वीकार करें। असमानता और अन्याय से लेकर भ्रष्टाचार और विभाजन तक, एकजुट होकर हर वो लड़ाई लड़ें जो हमारी आजादी के लिए खतरा हैं। वो आजादी, जिसके लिए आज भी लाखों जवान अपनी जान की बाजी लगाकर सरहद पर तैनात हैं।

कई दशकों तक भारत पर ईस्ट इंडिया कंपनी व ब्रिटिश हुकूमत यानी अंग्रेजो ने राज किया। भारतीय अपने ही देश में गुलामों की जिंदगी जी रहे थे। हालांकि भारतीयों ने गुलामी की जंजीरों को तोड़ते हुए क्रांति और आंदोलन किए, जिससे हार मानकर अंग्रेजों को देश छोड़कर जाना पड़ा। 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ। लाल किले प्रगाण से पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने तिरंगा फहराकर पहला स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया। तब से अब तक हर साल स्वतंत्रता दिवस का पर्व 15 अगस्त को मनाया जा रहा है।

स्वतंत्रता
फाइल फोटो: देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू तिरंगा फहराते हुए

आज देश के आजादी का जश्न का कौन सा साल है

आइए जानते हैं देश की आजादी के जश्न का कौन सा वर्ष है यानी भारत में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की कौन सा वर्षगांठ मनाने जा रहा है? साथ ही स्वतंत्रता दिवस 2024 की थीम भी जानिए की इस बार क्या है।

स्वतंत्रता दिवस 2024 की वर्षगांठ

आजादी के लिए लंबा सफर तय करने वाले क्रांतिकारियों और नेताओं का संघर्ष रंग लाया  देश को 1947 को आजाद कराया था। पिछले वर्षों में भारत ने आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मनाया था।

इस बार लोग बहुत असंजस में है कि भारत 77 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है या 78वां अगर आजादी की तारीख यानी 15 अगस्त 1947 से गिनती की जाए तो देश को आजाद हुए 77 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसी के साथ भारत 2024 में 78 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।

स्वतंत्रता दिवस 2024 की थीम

इस साल/वर्ष स्वतंत्रता दिवस 2024 की आधिकारिक थीम “विकसित भारत” है । यह थीम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के मौजूदा सरकार के दृष्टिकोण का एक फिलहाल प्रतीक है। इस बार का यह थीम बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करती है।

देश दुनिया की खबरों की अपडेट के लिए AVN News पर बने रहिए।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *