टाउन थाना क्षेत्र के नर्वदा गांव में मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। ईंट लदे ट्रैक्टर चालक उदय यादव को परिवहन विभाग के वाहन से लगभग डेढ़ किलोमीटर तक खदेड़ा गया। इसके बाद टीम द्वारा चालक के साथ कथित रूप से मारपीट की गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान चौडीहा गांव निवासी स्वर्गीय जगदीश यादव के पुत्र उदय यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उस समय वाहन में डीटीओ मौजूद नहीं थे।
अवैध वसूली का आरोप, निजी कर्मियों की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि परिवहन विभाग की टीम में शामिल प्राइवेट कर्मी संजय कुमार और नयन कुमार लंबे समय से अवैध वसूली करवा रहे थे। मृतक चालक से भी कथित रूप से अवैध राशि मांगी गई, और विरोध करने पर उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, दो घंटे तक टीम को बनाया बंधक
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने परिवहन विभाग की टीम को घेर लिया और करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान कर्मियों के साथ मारपीट भी हुई और विभागीय वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। साथ ही सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन के आश्वासन पर हटा जाम, लेकिन आक्रोश बरकरार
सूचना मिलने पर एसडीओ सौरव कुमार और एसडीपीओ सतीश सुमन मौके पर पहुंचे। स्थानीय मुखिया राहुल कुमार के प्रयास और प्रशासनिक आश्वासन के बाद सड़क जाम हटाया गया। हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा अब भी शांत नहीं हुआ है।
दोषियों की गिरफ्तारी की मांग, FIR नहीं होने से नाराज़गी
मृतक के परिजन और ग्रामीण सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मियों पर अविलंब एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का साफ कहना है — “अगर आज उदय यादव को न्याय नहीं मिला, तो कल कोई और गरीब इसका शिकार बनेगा।”
सवालों के घेरे में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली
यह घटना एक बार फिर सरकारी विभागों में चल रही कथित अवैध वसूली और निजी कर्मियों की मनमानी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। आम नागरिक पूछ रहे हैं कि जब कानून के रखवाले ही कानून तोड़ेंगे, तो इंसाफ कौन देगा?
News Editing by Chandan Patel
