Kerala: केरल के पहाड़ी जिले वायनाड में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया है कि यहां लैंडस्लाइड में 146 लोगों की मौत हो गई है. वही 90 से भी ज्यादा लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं. वही इस आपदा ने केरल के उन जख्मों को कुरेद दिया है, जिन प्राकृतिक आपदाओं से केरल कई बार सहम चुका है.

केरल में अगस्त 2018 में आई भयानक बाढ़

सबसे पहले बात करते हैं केरल में अगस्त 2018 में आई भयानक बाढ़ का. वही इस प्राकृतिक आपदा में केरल में 483 लोगों की मौत हो गई थी, जिसे उस समय राज्य की ‘सदी की बाढ़’ कहा गया था. इस विनाशकारी आपदा ने न केवल लोगों की जान ली, बल्कि संपत्ति और आजीविका को भी बूरी तरह नष्ट कर दिया था.

इसका असर इतना ज्यादा था कि केंद्र सरकार ने 2018 की बाढ़ को ‘डिजास्टर ऑफ सीरियस नेचर’ घोषित किया गया था. वही इस हादसे के बाद 3.91 लाख परिवारों के 14.50 लाख से अधिक लोगों को राहत शिविरों में फिर से पुनर्वासित किया गया था. कुल 57,000 हेक्टेयर कृषि फसलें बूरी तरह नष्ट हो गईं थीं. 2018 में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा प्रेग्नेंट महिलाओं को एयरलिफ्ट करने की तस्वीरें केरलवासियों के जेहन में अभी भी बिलकुल ताजा हैं. वही 2018 की बाढ़ से तबाह हुए केरल के पुनर्निर्माण के दौरान पर्यावरण के अनुकूल निर्माण की आवश्यकता पर भी काफ़ी सवाल उठाए गए थे.

केरल सरकार के अनुसार राज्य की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं से सीधे तौर पर प्रभावित हुआ था. जबकि राज्य 2018 की आई विनाशकारी बाढ़ के बाद धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़ा हो रहा था, तभी 2019 में एक और आपदा आई, जब वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 10 किलोमीटर दूर वायनाड के पुथुमाला में भूस्खलन हुआ, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी.

वही न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अक्टूबर 2021 में फिर से लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे राज्य के इडुक्की और कोट्टायम जिलों में 35 लोगों की मौत हो गई थी. भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार 2021 में भारी बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं ने केरल में 53 लोगों की जान ले ली थी.
राज्य सरकार के अनुसार ठीक एक साल बाद अगस्त 2022 में फिर भारी बारिश के कारण राज्य में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में 18 लोगों की मौत हो गई, सैकड़ों संपत्तियों को नुकसान पहुंचा और हजारों लोगों को राहत शिविरों में फिर से विस्थापित होना पड़ा था.

केरल

2022 की बारिश से संबंधित घटनाओं में भी राज्य के आपदा प्रभावित

वही 2022 की बारिश से संबंधित घटनाओं में भी राज्य के आपदा प्रभावित और आपदा संभावित क्षेत्रों से 5,000 से अधिक लोगों को 178 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया था. वही मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंस के मुताबिक 2015 और 2022 के बीच देश में हुए 3,782 भूस्खलनों में से सबसे ज्यादा 2,239 लैंडस्लाइट केरल में ही दर्ज किए गए हैं.

देश दुनिया की खबरों की अपडेट के लिए AVN News पर बने रहिए।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *