Jamui News: अमारी गांव में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना पर उठे सवाल
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का सपना जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत अमारी गांव (वार्ड नंबर 9) में अधूरा नजर आ रहा है। वर्ष 2020 में बड़े उत्साह के साथ शुरू हुई नल-जल योजना आज भी ग्रामीणों के लिए सिर्फ उम्मीद बनकर रह गई है। पानी टंकी और पाइपलाइन बनने के बावजूद लोगों के घरों तक आज तक पानी की एक बूंद नहीं पहुंच सकी है।
गांव के लोगों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
योजना सिर्फ कागजों में, जमीन पर नहीं दिख रहा लाभ
ग्रामीणों का आरोप यह है कि नल-जल योजना का काम शुरू तो किया गया, लेकिन उसे पूरा करने में कई गंभीर लापरवाही बरती गई। गांव के कई हिस्सों में पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में पाइप जगह-जगह टूट चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आंधी-तूफान के कारण पानी टंकी और मोटर भी खराब हो चुके हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि सरकारी राशि खर्च होने के बाद भी योजना का लाभ जनता तक नहीं पहुंचा।
गर्मी में पानी के लिए दर -दर भटक रहे ग्रामीण
अमारी गांव में गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट गहराता जा रहा है। जिन परिवारों के पास निजी चापाकल हैं, वे किसी तरह अपना काम चला रहे हैं, लेकिन गरीब परिवारों को पानी के लिए दूसरे घरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पानी मांगने पर कई बार लोगों को ताने भी सुनने पड़ते हैं। यह स्थिति ग्रामीणों को अंदर तक परेशान कर रही है। गांव के लोगों का कहना है कि जब सरकार ने हर घर पानी पहुंचाने का वादा किया था, तब उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब परेशानी खत्म होगी, लेकिन सालों बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
ग्रामीणों की आंखों में दिख रहा दर्द
ग्रामीण कांग्रेस तांती ने बताया कि वर्ष 2020 में गांव में पानी टंकी लगाई गई थी, लेकिन आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं मिली। वहीं जनार्दन तांती और ललन कुमार तांती ने कहा कि वार्ड के एक हिस्से में किसी तरह पानी पहुंच रहा है, लेकिन दूसरे इलाके के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ सभी लोगों तक समान रूप से पहुंचना चाहिए, लेकिन यहां कुछ परिवारों को सुविधा मिली और बाकी लोग उपेक्षित रह गए।
जल निकासी की समस्या ने बढ़ाई चिंता
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नाले का अभाव भी बड़ी समस्या बना हुआ है। बारिश के दिनों में पानी सड़क और घरों में भर जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि यदि नल-जल योजना पूरी तरह चालू भी हो जाए, तो बिना नाले के गांव की स्थिति और खराब हो सकती है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से गांव में गंदगी और बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि बंद पड़ी नल-जल योजना को जल्द शुरू कराया जाए। साथ ही खराब मोटर और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर गांव में नाला निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
सरकारी योजनाओं के जमीनी हकीकत पर कई सवाल खड़े करती है
अमारी गांव की यह तस्वीर सरकारी योजनाओं के जमीनी हकीकत पर कई सवाल खड़े करती है। एक ओर सरकार हर घर जल पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर गांव के लोग आज भी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है।

