सिमुलतला के स्वामी विवेकानंद बी.एड कॉलेज पर गंभीर आरोप: बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला स्थित स्वामी विवेकानंद बी.एड कॉलेज एक बार फिर विवादों में आ गया है। सत्र 2025-2027 के प्रशिक्षुओं ने कॉलेज प्रबंधन पर शिक्षा के नाम पर अवैध वसूली और मानसिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि उनसे निर्धारित फीस से कई गुना अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं।

“छात्रों से फेल करने की धमकी देकर मांगे जा रहे पैसे”

प्रशिक्षुओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन आंतरिक परीक्षाओं में फेल करने की धमकी देकर पैसे की मांग कर रहा है। छात्रों के अनुसार, यदि वे अतिरिक्त रकम नहीं देते हैं, तो उनके प्रैक्टिकल मार्क्स काटने और फेल करने की खुली चेतावनी दी जाती है।

सिमुलतला के यूनिवर्सिटी फीस से कई गुना अधिक वसूली का आरोप

छात्रों ने बताया कि मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित शुल्क के अलावा उनसे 20 से 30 हजार रुपये तक की अतिरिक्त राशि ली जा चुकी है। इसके बावजूद अब परीक्षा फॉर्म भरने के नाम पर और पैसे मांगे जा रहे हैं।

रसीद मांगने पर मिलती है धमकी

प्रशिक्षुओं का कहना है कि जब वे अतिरिक्त शुल्क की रसीद मांगते हैं, तो उन्हें विरोध न करने की चेतावनी दी जाती है। इससे छात्रों में डर और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया है।

गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

छात्रों ने बताया कि वे अधिकतर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। ऐसे में बार-बार पैसे की मांग उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर रही है।

कॉलेज परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन

इन आरोपों से आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। “अवैध वसूली बंद करो” और “कॉलेज प्रशासन हाय-हाय” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सिमुलतला
यूनिवर्सिटी फीस से कई गुना अधिक वसूली का आरोप

जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

मामले को लेकर छात्रों ने सामूहिक आवेदन तैयार किया है। उन्होंने बताया कि इस आवेदन की प्रतियां जिला पदाधिकारी (DM), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को सौंपी जाएंगी।

प्राचार्य ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, कॉलेज के प्राचार्य विनीत मिश्रा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल यह मामला छात्रों के आरोप और कॉलेज प्रशासन की सफाई के बीच फंसा हुआ है। अब सबकी नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

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