खैरा प्रखंड के मिल्की गांव में गहराया जल संकट: जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत मिल्की गांव के वार्ड नंबर-1 में पिछले दो वर्षों से पेयजल संकट गंभीर समस्या बना हुआ है। पानी की किल्लत से करीब 35 घरों के लोग प्रभावित हैं। लगातार हो रही इस परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

खैरा प्रखंड अंतर्गत मिल्की गांव में सात वर्षों से पारिश्रमिक नहीं मिलने का आरोप
पंप संचालक अनरवा देवी ने बताया कि उन्हें पिछले सात वर्षों से किसी प्रकार का पारिश्रमिक नहीं मिला है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होगा, तब तक वे पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने देंगी।
उनके इस बयान के बाद गांव में पेयजल संकट और गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्ष 2020 में लगाया गया था सरकारी पंप
ग्रामीण रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 में गांव में सरकारी पंप लगाया गया था। शुरुआत में लोगों को नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति मिल रही थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से पानी की टंकी फट जाने के कारण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
उन्होंने बताया कि कई जगहों पर पाइपलाइन जाम हो चुकी है, जिससे पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ इलाकों में जानबूझकर पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है।
चंदा जुटाकर 200 मीटर दूर से ला रहे पानी
पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों को करीब 200 मीटर दूर स्थित सरकारी चापाकल से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदा इकट्ठा कर पानी की व्यवस्था की जा रही है।
अधिक उपयोग के कारण चापाकल भी बार-बार खराब हो जाता है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है।
जर्जर कुआं बना हादसे का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि पंप के पास स्थित पुराना कुआं जर्जर अवस्था में है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से कुएं की मरम्मत या उसे सुरक्षित कराने की मांग की है।
गांव के लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह कुआं खतरा बना हुआ है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई सुनवाई
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएचईडी विभाग और मुखिया प्रतिनिधि को कई बार इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
लगातार शिकायतों के बावजूद पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
3 से 4 दिनों में बदली जाएगी पानी की टंकी : कार्यपालक अभियंता
पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता प्रिंस कुमार ने स्वीकार किया कि गांव की पानी की टंकी फटी हुई है। उन्होंने बताया कि नई टंकी लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर नई टंकी लगाकर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- फटी हुई पानी की टंकी को जल्द बदला जाए
- जाम पाइपलाइन की मरम्मत की जाए
- पंप संचालक का बकाया पारिश्रमिक भुगतान किया जाए
- जर्जर कुएं को सुरक्षित कराया जाए
- नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
