गिद्धौर/जमुई : गिद्धौर प्रखंड में सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में 2 फरवरी से 10 फरवरी तक गिद्धौर स्थित ऐतिहासिक पंच मंदिर के निकट मैदान में आयोजित हो रहे नौ दिवसीय विराट महायज्ञ को लेकर रविवार को गिद्धौर में आस्था, भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। महायज्ञ के शुभारंभ से पूर्व 2100 कलशों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस विशाल कलश यात्रा में बड़ी संख्या में कन्याओं एवं महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे विधि-विधान एवं भक्ति भाव के साथ सहभागिता निभाई। जैसे ही कलश यात्रा पंच मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई, शंखनाद, घंटियों की गूंज भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा गिद्धौर सनातन रंग में रंग गया।

गिद्धौर
कलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए

गिद्धौर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों के प्रति गहरी आस्था और उत्साह निरंतर बढ़ रहा है। कलश यात्रा पंच मंदिर से निकलकर मां दुर्गा मंदिर, महावीर मंदिर, मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर, बाबा बूढ़ा नाथ मंदिर एवं मां बूढ़ी स्थान मंदिर होते हुए पुनः पंच मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

गिद्धौर
गिद्धौर के प्रसिद्ध पंच मंदिर से कलश यात्रा निकलते हुए

कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जल-शर्बत की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया, जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई। इस कलश यात्रा को सफल बनाने में सनातन संस्कृति सेवा समिति के उपाध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ पाजो जी, सह-कोषाध्यक्ष रॉकी कुमार, सदस्य आशीष कुमार गुप्ता, आदित्य रावत, सत्यम केशरी, अंजेश कुमार, राजा रजक, धीरज रावत, जॉनी रजक, राकेश राम, मिथलेश कुमार, रॉनित कुमार, विकास कुमार, प्रिंस झा, ठाकुर अंकित, बजरंगी रावत, सुबोध रावत सहित अन्य ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा। समिति के सदस्यों ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। वहीं जमुई अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर गिद्धौर प्रशासन का परस्पर सहयोग रहा। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की मौजूदगी रही। कलश यात्रा में यज्ञाचार्य पंडित विजय पांडेय अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे। वहीं वृंदावन से पधारे कथा प्रवक्ता पंडित कृष्णकांत जी महाराज अपने सहयोगियों के साथ तथा प्रयागराज से आई रामलीला मंडली के प्रमुख धर्मदेव व्यास अपने दल के साथ यात्रा में शामिल हुए, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समिति के अध्यक्ष सोनू कुमार एवं सचिव सुमन कुमार ने बताया कि 2 फरवरी से 10 फरवरी तक आयोजित होने वाले नौ दिवसीय विराट महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विविध धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक दिन शाम 6 बजे से रामकथा, रात 8 बजे से रामलीला मंचन एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिससे क्षेत्र में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का व्यापक प्रसार होगा। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए प्रतिदिन शाम 7 बजे से भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। समिति के कोषाध्यक्ष बिट्टू कुमार ने जानकारी दी कि इस विराट धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए देश एवं प्रदेश की कई प्रमुख सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक हस्तियों को आमंत्रण भेजा गया है। आयोजन को लेकर गिद्धौर सहित आसपास के क्षेत्रों में खासा उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। वरिष्ठ सदस्य सुशांत साईं सुंदरम ने बताया कि वर्ष 2024 में अयोध्या धाम में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद गिद्धौर में ऐसे धार्मिक आयोजनों की एक नई शुरुआत हुई, जो लगातार तीसरे वर्ष भी जारी है। इस वर्ष आयोजन को और वृहद रूप देते हुए नौ दिवसीय विराट महायज्ञ का स्वरूप दिया गया है, जिससे सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिल रही है। इस अवसर पर मनीष कुमार पांडेय, राजीव रावत, डॉ. संजय मंडल, डॉ. उत्कर्ष कुमार, प्रवेश कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने गिद्धौर को श्रद्धा, भक्ति और सनातन चेतना के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। गिद्धौर का माहौल राममय हो उठा है।

Edit by: Chandan Patel 

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