झाझा जैसे छोटे से कस्बे से निकलकर जब कोई खिलाड़ी बड़े मैदान तक पहुँचता है, तो वह सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि पूरे इलाके की पहचान बन जाता है। ऐसा ही नाम है प्रियंशु यादव, जिन्होंने मेहनत, लगन और हौसले के बल पर झाझा का सिर गर्व से ऊँचा किया है।

प्रियंशु यादव, पिता राजेन्द्र गोपे और माता नीलम देवी के पुत्र हैं। उनका पता राजला है। एक साधारण परिवार से आने वाले प्रियंशु के लिए खेल सिर्फ शौक नहीं, बल्कि सपना था—एक ऐसा सपना, जिसे उन्होंने हर हाल में सच करने की ठानी।

प्रियंशु यादव मुंगेर विश्वविद्यालय (Munger University) के छात्र हैं और उन्होंने यूनिवर्सिटी लेवल पर दो बार प्रतिनिधित्व कर इतिहास रच दिया है। खास बात यह है कि वे झाझा के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

हाल ही में उनका मुकाबला कटक (ओडिशा) में आयोजित मैच में हुआ, जहाँ आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, रांची की टीम के खिलाफ उन्होंने मैदान में उतरकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हजारों दर्शकों के बीच, दूर अपने घर-परिवार से, झाझा का यह बेटा पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलता नजर आया। उस मैदान पर सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं था, बल्कि झाझा की उम्मीदें, संघर्ष और सपने भी खेल रहे थे।

प्रियंशु की इस सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का भरोसा और खुद उनका निरंतर परिश्रम है। कई बार सुविधाओं की कमी, अभ्यास के लिए संसाधनों का अभाव और आर्थिक दबाव भी आए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनका जज़्बा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

आज प्रियंशु यादव की यह उपलब्धि पूरे झाझा और राजला के लिए गर्व का विषय है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो छोटे कस्बों से भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। प्रियंशु आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं—एक ऐसा उदाहरण, जो बताता है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।

झाझा
प्रियंशु यादव मुंगेर विश्वविद्यालय का छात्र और खिलाड़ी

झाझा को इस खिलाड़ी पर गर्व

झाझा को अपने इस होनहार खिलाड़ी पर गर्व है, और सभी को उम्मीद है कि प्रियंशु यादव आने वाले समय में इससे भी बड़ी ऊँचाइयों को छुएंगे।

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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