ये तरक़्क़ी है या अंत? : महज़ आठ साल की उम्र में ‘पैड’ संभालती हुई ये बच्चियां .., छोटी- छोटी बच्चियों को आ रहा पीरियड्स….!
महज़ आठ साल की उम्र में ‘पैड’ संभालती हुई ये बच्चियां, छोटी- छोटी बच्चियों को आ रहा पीरियड्स…., ये तरक़्क़ी…
महज़ आठ साल की उम्र में ‘पैड’ संभालती हुई ये बच्चियां, छोटी- छोटी बच्चियों को आ रहा पीरियड्स…., ये तरक़्क़ी…
दिल्ली मेट्रो को राजधानी की जीवनरेखा कहा जाता है। रोज़ लाखों लोग समय पर दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल पहुंचने…
महीना का ₹10 हजार कमाने वाला कैसे बना ‘₹46 करोड़ वाला आदमी’? — सिस्टम की एक गलती ने बदल दी…
कहीं मैं कृष्ण जैसा बदनसीब तो नहीं? कभी-कभी जीवन के किसी मोड़ पर खड़े होकर मन खुद से सवाल…
नई दिल्ली | मटियाला एक्सटेंशन स्थित sahastradharagyan foundation सामाजिक संस्था में आज पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम…
अंत में कुछ भी.. अंत.. अंत में सब कुछ ठीक नहीं होता, अंत में बस अंत ही होता है!.. कुछ…
एक बार फिर वही सवाल, वही बेचैनी और वही गुस्सा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 40…
चलने-बोलने की मुश्किलें भी नहीं रोक सकीं, मानवेंद्र ने पास किया UPSC एग्जाम.. अगर हौसले मजबूत हों, तो हालात…
क्या बोलूं?… क्या बोलूं इन ख़ामोशियों से, जो शब्दों से पहले बोल जाती हैं। क्या कहूँ इन आँखों से, जो…
धीरे–धीरे मर रहे हैं शौक हमारे धीरे–धीरे, बढ़ रही है उम्र भी वैसे ही धीरे–धीरे! ख़ुद को छोड़ दिया है…