AVN News Desk New Delhi: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का एलान किया है। जिसके बाद से तमाम बीजेपी नेताओं में खुशी की लहर है। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। ‘भारत रत्न’ की घोषणा के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ, बिहार सीएम नीतीश कुमार, हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने इसे खुशी का क्षण बताया है। लालकृष्ण आडवाणी ने सम्मान पर कहा है कि यह मेरे लिए गौरवान्वित करने वाला पल है।

मैं इस सम्मान को स्वीकार करता हूं-लालकृष्ण आडवाणी

वहीं भारत रत्न के एलान के बाद 96 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि मैं अत्यंत विनम्रता और कृतज्ञता के साथ इस सम्मान को स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा है कि यह न केवल एक व्यक्ति के रूप में मेरे लिए सम्मान है, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है जिनकी मैंने अपनी पूरी क्षमता से जीवनभर सेवा की है। उन्होंने कहा है कि आदर्श वाक्य ‘यह जीवन मेरा नहीं है, यह मेरे राष्ट्र के लिए है’ ने मुझे प्रेरित किया है। उन्होंने कहा है कि आज मैं दो लोगों “पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी” को कृतज्ञतापूर्वक याद करता हूं, जिनके साथ मैंने काम किया है। साथ ही उन्होंने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों, अपनी दिवंगत पत्नी कमला के प्रति अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त करता हूं।

लालकृष्ण आडवाणी ने हाथ हिलाकर लोगों का किया अभिवादन

सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए नाम की घोषणा के बाद लालकृष्ण आडवाणी ने घर से हाथ हिलाकर लोगों और मीडियाकर्मियों का अभिवादन किया है। इस दौरान इनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी भी उनके साथ नजर आ रही है। लालकृष्ण आडवाणी के बेटी प्रतिभा ने उन्हें मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया, साथ ही गले लगाकर उन्हें बधाई भी दी

लालकृष्ण आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी फाइल फोटो

विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आया था लालकृष्ण आडवाणी का परिवार

लालकृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर 1927 को एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था। लालकृष्ण आडवाणी की शुरुआती शिक्षा कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल से हुई थी। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद लालकृष्ण आडवाणी का परिवार पाकिस्तान छोड़कर भारत के मुंबई में आकर बस गए। लालकृष्ण आडवाणी विभाजन से पहले से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे और भारत आने के बाद वे आरएसएस के प्रचारक भी बन गए। आरएसएस के साथ मिलकर उन्होंने राजस्थान में काम किया। साल 1957 में आडवाणी जनसंघ के लिए काम करने के लिए दिल्ली आ गए थे। दिल्ली में लालकृष्ण आडवाणी अटल बिहारी वाजपेयी के घर में ही रहे थे।

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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