NTA

NEET Paper Leak: NTA नीट पेपर लीक को लेकर मेडिकल कोर्सेज के दाखिले के लिए करवाई जाने वाली नीट परीक्षा को लेकर देश में काफी ज्यादा बवाल मचा हुआ है. जब से रिजल्ट सामने आने के बाद से ही पेपर लीक की बात खूब हो रही है. और सभी छात्रों की मांग भी है कि परीक्षा को कैंसिल करके दोबारा से एग्जाम को करवाए जाएं. इस बीच सरकार ने कई परीक्षाओं को रद्द भी कर दिया है. पेपर लीक के आरोपों के चलते मौजूदा सरकार भी सवालों के घेरे में हैं. ऐसे में आइए नीट विवाद पर अब तक के 10 बड़े अपडेट्स के बारे में जानते हैं क्या क्या हुआ.

NTA में नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे विवाद

नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे विवाद के मौजूदा केंद्र सरकार ने नीट-पीजी एंट्रेंस एग्जाम को पोस्टपोन यानी स्थगित कर दिया है. नीट-पीजी एग्जाम रविवार (23 जून) को यानी आज होने वाला था. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियाती उपाय के तौर पर एग्जाम से एक रात पहले नीट-पीजी एग्जाम को पोस्टपोन यानी स्थगित किया है.

NTA

वही नीट एग्जाम करवाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए/NTA) के महानिदेशक सुबोध सिंह को फिलहाल हटा दिया गया है. और पेपर लीक को लेकर हो रहे विवाद के बीच सरकार ने सुबोध सिंह को फिलहाल हटाने का फैसला किया है. उन्हें अगले आदेश तक कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) में “अनिवार्य प्रतीक्षा” में अभी रखा गया है.

शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाला एनटीए (NTA) देश के प्रमुख संस्थानों में से एक है. यही वजह है कि सुबोध सिंह को हटाने के बाद इसकी जिम्मेदारी भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक प्रदीप सिंह खरोला को दी गई है. वह नियमित पदाधिकारी की नियुक्ति तक NTA का पूरा प्रभार संभालेंगे.

NTA की छवि हुई खराब 

वही इस पेपर लीक मामलों की वजह से NTA की छवि बहुत ही धूमिल हुई है. ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने NTA के कामकाज की समीक्षा करने और परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए ‘इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन’ (ISRO) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन भी कर दिया गया है.

समिति में AIMS दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया, आईआईटी मद्रास में सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एमेरिटस के राममूर्ति, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बी जे राव, पीपल स्ट्रॉन्ग के को-फाउंडर और कर्मयोगी भारत बोर्ड के सदस्य पंकज बंसल, आईआईटी दिल्ली के छात्र मामलों के डीन आदित्य मित्तल और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल को शामिल किया हैं.

नीट पेपर लीक के बाद इसकी जांच का जिम्मा भी सीबीआई को सौंप दिया गया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि हम पारदर्शी और त्रुटि रहित परीक्षा करवाने के पक्षधर में हैं. अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और मामला सीबीआई (CBI) को सौंप दिया गया है.

वही पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय अपने इस रुख पर कायम रहने वाला है कि बिहार पुलिस को पेपर लीक से जुड़े जो सबूत हासिल हुए हैं, उनके आधार पर नीट परीक्षा को रद्द करने की कोई भी जरूरत नहीं है. और वही पुलिस का कहना है कि जांच में पता चला है कि पटना में कथित पेपर लीक एक स्थानीय मामला है.

NTA

अब ED और CBI की एंट्री

वही नीट पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी अब एंट्री होने वाली है. ईडी नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) से करवाई जाए.

एक कड़ा कानून भी लागू किया

पेपर लीक को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक कड़ा कानून भी लागू किया है. वही लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को भी अधिसूचित कर दिया गया है. वही इस कानून के तहत पेपर लीक करने पर अपराधियों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी है.

पेपर लीक के बीच यूजीसी-नेट एग्जाम को भी फिलहाल रद्द कर दिया गया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीएसआईआर-नेट पेपर लीक होने की बात से इनकार किया और कहा है कि परीक्षा तार्किक कारणों से स्थगित की गई है. सरकार ने कहा है कि एग्जाम के लिए नए तारीखों का ऐलान जल्द कर दिया जाएगा.

देश दुनिया की खबरों की अपडेट के लिए AVN News पर बने रहिए।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *