AVN News Desk New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. प्रवर्तन निदेशालय ने विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कुछ संस्थाएं हैं बड़े पैमाने पर भारत के बाहर विदेशी मुद्रा भेजने में शामिल हैं. वही इसके आधार पर ही मामले की जांच शुरू करते हुए कुछ कंपनियों पर विभाग की टीम ने छापेमारी की थी. वही तलाशी के दौरान 2.54 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं, जिसमें से कुल रकम का एक बड़ा हिस्सा वॉशिंग मशीन (Washing Machine ) में छिपाया गया था.

प्रवर्तन निदेशालय इस छापेमारी की ये कार्रवाई

इस छापेमारी की ये कार्रवाई दिल्ली, कुरूक्षेत्र, हैदराबाद, मुंबई और कोलकाता में की गई थी. प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मेसर्स कैप्रिकोर्नियन शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक विजय कुमार शुक्ला और संजय गोस्वामी के यहां फेमा के, 1999 के प्रावधानों के तहत ही तलाशी ली गई थी.

इसके साथ ही उनसे संबंधित सभी संस्थाओं मेसर्स लक्ष्मीटन मैरीटाइम, मैसर्स  हिंदुस्तान इंटरनेशनल, मैसर्स. राजनंदिनी मेटल्स लिमिटेड, मैसर्स स्टवार्ट अलॉयज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स भाग्यनगर लिमिटेड, मैसर्स विनायक स्टील्स लिमिटेड, मैसर्स वशिष्ठ कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशक-साझेदार संदीप गर्ग, विनोद केडिया के यहां तलाशी ली गई थी.

सिंगापुर भेजी गई 1800 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में पाया है कि सिंगापुर की मैसर्स गैलेक्सी शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड और होराइजन शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड को 1800 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि भेजी गई थी. इन दोनों ही विदेशी संस्थाओं का प्रबंधन एंथनी डी सिल्वा द्वारा किया जाता है.

प्रवर्तन निदेशालय

फर्जी आयात और माल ढुलाई की आड़ में लेन-देन

जांच के दौरान यह पाया गया कि मैसर्स कैप्रिकोर्नियन शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स लक्ष्मीटन मैरीटाइम ने अपने सहयोगियों के साथ फर्जी माल ढुलाई सेवाओं और आयात (इंपोर्ट) की आड़ में सिंगापुर स्थित संस्थाओं को 1,800 करोड़ रुपये भेजे थे. इसके लिए मैसर्स नेहा मेटल्स, मैसर्स अमित स्टील ट्रेडर्स, मैसर्स ट्रिपल एम मेटल एंड अलॉयज, मैसर्स एचएमएस मेटल्स आदि जैसी फर्जी संस्थाओं की मदद से जटिल लेन-देन दिखाया गया.

दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) और डिजिटल उपकरण भी किए गए जब्त

वही इस तलाशी के दौरान 2.54 करोड़ रुपये की बरामदगी की गई की गई, जिसके बारे में आरोपी कोई भी जबाव नहीं दे पाए. वही इस रकम का एक हिस्सा वॉशिंग मशीन में छिपाया गया था, जिसे अब जब्त कर लिया गया है. इसके अलावा, तलाशी की कार्यवाही के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज यानी डॉक्यूमेंट, डिजिटल उपकरण भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है. प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने इसमें शामिल संस्थाओं के 47 बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए हैं.

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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