केंद्रीय बजट 2026-27: आसान और सरल भाषा में छोटी- मगर मोटी बातें — इस बजट से किसको फायदा और किसे नुकसान हो सकता है – जानें
बजट 2026-27 — संक्षेप परिचय
केंद्रीय बजट 2026-27: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट पेश किया। यह उनके लगातार नौवें बजट हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य है विकास-उन्मुख यानी Growth, टैक्स सुधार, उद्योग-खेत, इन्फ्रा-बढ़ोतरी और आम आदमी को राहत देना।

1. बजट का कुल आकार और आर्थिक माहौल
- इस बजट का कुल आकार करीब ₹53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।
• सरकार ने Fiscal Deficit (घाटे) को 4.3% of GDP तक कम रखने का लक्ष्य रखा है।
• Growth Outlook मजबूत दिख रहा है, अर्थव्यवस्था का विकास लगभग 7% से ऊपर रहने की संभावनाएँ जताई गई हैं।
2. इनकम टैक्स में क्या नया है
- 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा — टैक्स नियम सरल होंगे, फॉर्म आसान होंगे।
- टैक्सपेयर्स को राहत: Overseas travel और foreign education / medical खर्चों पर TCS मात्र 2% रहेगा (पहले ज्यादा था)।
- Motor Accident Tribunal से मिलने वाली ब्याज राशि अब टैक्स-फ्री होगी।
- Revised return और belated return फाइल करने की समय-सीमा भी बढ़ाई गई है।
इसका मतलब: आम मध्य-वर्ग को टैक्स भरने में कम झंझट और थोड़ी राहत मिलेगी।
बजट 2026-27 — इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slabs) का पूरा सच (सरल भाषा में)
केंद्रीय बजट 2026-27 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया — यानी टैक्स की दरें वैसे ही बनी हैं जैसे पिछले वर्ष (Budget 2025) में तय हुई थीं।
मतलब: टैक्स दरों में न तो कोई नई राहत है और न ही कोई टैक्स बढ़ गया — यह “स्थिर” रखा गया है।
A) नई टैक्स प्रणाली (New Tax Regime) — FY 2025–26 / FY 2026–27
यह टैक्स स्लैब उन लोगों के लिए है जो नई टैक्स प्रणाली (जहाँ बहुत सारी छूट-कटौतियाँ कम होती हैं, लेकिन दरें आसान और कम हैं) को अपनाते हैं:
| आय (₹) | टैक्स दर (%) |
| ₹0 – ₹4,00,000 | 0% (टैक्स-फ्री) |
| ₹4,00,001 – ₹8,00,000 | 5% |
| ₹8,00,001 – ₹12,00,000 | 10% |
| ₹12,00,001 – ₹16,00,000 | 15% |
| ₹16,00,001 – ₹20,00,000 | 20% |
| ₹20,00,001 – ₹24,00,000 | 25% |
| ₹24,00,001 और ऊपर | 30% |
ध्यान देने वाली बात: इस सिस्टम में –
- ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है
- 87A सेक्शन के तहत रिबेट + ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन के कारण लगभग ₹12.75 लाख तक की कुल आय (before tax deductions) पर आप प्रभावी रूप से टैक्स नहीं देते (समझिए: टैक्स-फ्री बन जाता है) — यह पिछले बजट से पहले की व्यवस्था है और अब भी लागू रहती है।
सरल शब्द: अगर आपकी total सालाना आय ₹12–12.75 लाख से कम है, तो बड़ा हिस्सा टैक्स-फ्री हो सकता है (standard deduction और rebate के कारण)।
B) पुरानी टैक्स प्रणाली (Old Tax Regime)
पुरानी टैक्स प्रणाली में स्लैब अलग होते हैं, लेकिन वो बजट 2026 में भी अपरिवर्तित रहे — हालांकि नई व्यवस्था वाले स्लैब की तुलना में पुराने में टैक्स दरे तेज़ होती हैं:
| आय (₹) | टैक्स दर (%) |
| ₹0 – ₹2,50,000 | 0% |
| ₹2,50,001 – ₹5,00,000 | 5% |
| ₹5,00,001 – ₹10,00,000 | 20% |
| ₹10,00,001 और ऊपर | 30% |
यहाँ बहुत सारी छूट-कटौतियां (जैसे 80C, HRA, LTA आदि) ले सकते हैं, इसलिए अगर आपके पास बड़ी बचत या इनकम कम करने वाली योजनाएँ हैं तो यह बेहतर हो सकता है।
C) Budget 2026 में खास यह भी बताया गया:
- इनकम टैक्स स्लैब बदलें नहीं — यही पुराने स्लैब जारी रखे गए।
- Revised ITR (रिटर्न) फ़ाइल करने की डेट अब 31 मार्च तक बढ़ गई है (पहले Dec 31).
- छोटे टैक्सपेयर को nil deduction certificate स्व-चालित मिलेगा — compliance आसान होगा।
आसान उल्टा-सीधा सार
- Tax Slabs (2026–27) में कोई बदलाव नहीं।
- New regime में income up to ₹12.75 लाख तक टैक्स-फ्री होना जारी।
- Old regime वाली टैक्स दरें भी वैसी ही हैं, लेकिन deductions ज्यादा मिलते हैं।
3. उद्योग और निर्माण (Manufacturing)
Budget 2026 ने Domestic Manufacturing (देशी मैन्युफैक्चरिंग) पर बड़ा जोर दिया है:
- Semiconductor Mission 2.0 — चिप्स निर्माण को बढ़ावा।
- Biopharma SHAKTI Mission — भारत को biopharma hub बनाना।
- Rare-Earth corridors — मिनरल्स और हाई-टेक इन्डस्ट्री के लिए।
- टेक्सटाइल, कंटेनर, केमिकल पार्क जैसी नई योजनाएँ।
इसका असर: नौकरी के अवसर, विदेशी निर्भरता कम, आयात घटेगा, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
4. इन्फ्रास्ट्रक्चर — बड़ा बूस्ट
- Capex (Capital Expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है।
- 7 High-Speed Rail Corridors की घोषणा की गई है — जैसे Mumbai-Pune, Pune-Hyderabad, Delhi-Varanasi आदि।
- नई Freight corridors (लॉजिस्टिक सुधार) और 20 नई National Waterways का निर्माण भी अगले सालों में होने वाला है।
मतलब: ट्रैवल तेज, कनेक्टिविटी बेहतर, लॉजिस्टिक्स सस्ता, रोजगार अधिक होगा।
5. कृषि, किसान और ग्रामीण समर्थन
- AI-based Bharat-VISTAAR टूल किसानों को बेहतर कृषि तकनीक में मदद करेगा।
- High-value crops जैसे नारियल, काजू, कोको, चंदन आदि के लिए नई योजना।
- Reservoirs, fisheries, animal husbandry आदि क्षेत्रों में सुधार योजनाएँ।
इसका प्रभाव: किसान को उन्नत तकनीक, बाजार और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
6. शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र
- Girls STEM छात्राओं के लिए हॉस्टल हर जिले में।
- Allied health professionals और training institutes का विस्तार।
- AYUSH और मेडिकल value tourism hubs के साथ रोज़गार के अवसर।
इसका मतलब: बेहतर सफलता मौका, हेल्थ सर्विस और रोजगार मिलेगा।
7. MSMEs और छोटे व्यवसाय
- ₹10,000 करोड़ SME Growth Fund — छोटे उद्योगों को धन व तकनीकी सहायता।
- TReDS के जरिये invoices की पेमेंट जल्दी और आसान बनाने की व्यवस्था।
- Credit liquidity और सुविधाएँ।
यह छोटे उद्यमों को विस्तार और रोज़गार बढ़ाने में मदद करेगा.
8. आम आदमी के लिए मुख्य “छोटी मगर मोटी बातें”
- Overseas travel/education खर्च सस्ता हुआ (TCS 2%).
- Tax filing आसान, revised return ज्यादा समय मिलेगा.
- Health और critical disease medicines पर कुछ टैक्स छूट।
- Infrastructure और रेल-ट्रांसपोर्ट से रोज़गार की संभावनाएँ।
9. क्या नुकसान हो सकता है?
- कुछ निवेश-क्षेत्रों में टैंशन
- Futures/Options पर STT हाइकर हुआ है।
- Debt (कर्ज) अभी भी अधिक है, इसलिए फिस्कल डिसिप्लिन पर ध्यान रहेगा।
मतलब: स्टॉक/फाइनैंस मार्टकेट निवेशकों को थोड़ी सावधानी बरतनी होगी.
निष्कर्ष
Budget 2026-27 एक विकास-प्रधान, सुधार-आधारित बजट है — जिसमें
- Infrastructure growth
- टैक्स नियमों में सरलता
- घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बड़े संसाधन
- शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान हित
- छोटे उद्योगों को समर्थन
जैसा संतुलन रखा गया है।
छोटी-सी मोटी बात: यह बजट आज के और कल के भारत दोनों को मजबूत आर्थिक आधार देने की कोशिश करता है — आम नागरिक की जेब पर गांठ (बड़ा खर्च) और राहत (कुछ टैक्स छूट) दोनों को संतुलित करते हुए।
Note :-
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