जमुई/लक्ष्मीपुर प्रखंड। जिस स्कूल तक पहुंचना छात्राओं के लिए शिक्षा का रास्ता होना चाहिए, वही रास्ता अब उनके लिए सुरक्षा, दूरी और भविष्य की चिंता का सवाल बन गया है। जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के आनन्दपुर स्थित +2 उच्च विद्यालय के संचालन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विद्यालय के संचालन को लेकर छात्राओं और उनके अभिभावकों ने समाहरणालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा विभाग के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए।
छात्राओं का कहना है कि 22 जुलाई 2026 को पत्रांक-272 के माध्यम से विद्यालय को राजस्व ग्राम आनन्दपुर में संचालित करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन बाद में एक महिला के आवेदन के आधार पर कथित तौर पर बिना स्थलीय जांच और भूमि अभिलेखों की समुचित जांच किए आदेश को रद्द कर दिया गया। छात्राओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय का संचालन आनन्दपुर में ही सुनिश्चित किया जाए।
14 किलोमीटर दूर स्कूल, छात्राओं ने कहा- रोजाना जाना संभव नहीं
समाहरणालय के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन कर रही छात्रा राजनंदनी कुमारी ने कहा कि वे जिलाधिकारी से मिलने और अपनी समस्या रखने आई हैं। छात्राओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर बसमता स्थित विद्यालय में पढ़ने नहीं जाएंगी।
छात्राओं के मुताबिक, बसमता स्थित विद्यालय की दूरी करीब 14 किलोमीटर है। इतनी लंबी दूरी तय कर रोजाना स्कूल पहुंचना उनके लिए बेहद मुश्किल है। खासकर छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन की व्यवस्था नहीं होने से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।
शॉर्टकट रास्ता भी सुरक्षित नहीं, छात्राओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल
छात्राओं ने बताया कि बसमता विद्यालय तक पहुंचने के लिए बांगरडीह हाई स्कूल की ओर से जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। वहीं, कम दूरी वाला शॉर्टकट मार्ग भी उनकी नजर में सुरक्षित नहीं है।
छात्राओं का कहना है कि शिक्षा के लिए उन्हें ऐसा रास्ता तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, जहां उन्हें हर दिन अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता करनी पड़े।
छात्राओं की मांग है कि विद्यालय का संचालन ऐसी जगह हो, जहां वे सुरक्षित तरीके से नियमित रूप से पढ़ाई कर सकें।
छात्राओं का आरोप- बिना स्थल निरीक्षण के रद्द हुआ आदेश
प्रदर्शन कर रही छात्राओं और अभिभावकों का आरोप है कि आनन्दपुर में विद्यालय संचालन का आदेश जारी होने के बाद उसे रद्द करने से पहले संबंधित अधिकारियों ने मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच नहीं की।
छात्राओं का कहना है कि यदि विद्यालय की जमीन, भवन और संचालन से जुड़े मामले को लेकर कोई विवाद था तो प्रशासन को स्थल निरीक्षण और भूमि अभिलेखों की जांच के बाद निर्णय लेना चाहिए था।
उनका सवाल है कि आखिर बिना मौके की वास्तविक स्थिति जाने विद्यालय के संचालन से जुड़ा फैसला कैसे बदला गया?

‘आज तक कोई अधिकारी विद्यालय की स्थिति देखने नहीं आया’
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय की वास्तविक स्थिति देखने के लिए आज तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके अलावा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर भी छात्राओं ने सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि जब विद्यालय में पढ़ाई नियमित रूप से नहीं होगी और शिक्षक भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होंगे, तो इसका सीधा असर छात्राओं की शिक्षा पर पड़ेगा।
छात्राओं ने कहा कि उनका भविष्य किसी प्रशासनिक आदेश या आपसी विवाद की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।
अभिभावकों की भी यही मांग- सुरक्षित जगह पर हो पढ़ाई
प्रदर्शन में छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी मौजूद रहे। अभिभावकों ने कहा कि बेटियों को दूर और असुरक्षित रास्ते से स्कूल भेजना उनके लिए आसान नहीं है।
अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन पूरे मामले को केवल कागजी विवाद के तौर पर न देखे, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा, दूरी, आवागमन और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले।
डीएम नवीन ने जांच टीम गठित करने का दिया निर्देश
मामले की जानकारी जिलाधिकारी नवीन को मिलने के बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश दिया है।
बताया गया है कि जांच टीम आनन्दपुर पहुंचकर विद्यालय से संबंधित स्थल का निरीक्षण करेगी। टीम विद्यालय संचालन, जमीन और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी छात्राओं की उम्मीद
आनन्दपुर +2 उच्च विद्यालय को लेकर उठे विवाद में अब छात्राओं और अभिभावकों की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर है। छात्राओं की मांग साफ है कि उन्हें ऐसी जगह पढ़ाई का अवसर मिले जहां स्कूल तक पहुंचना आसान और सुरक्षित हो।
यह मामला केवल विद्यालय के संचालन की जगह का नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अब देखना होगा कि जांच टीम स्थल निरीक्षण के बाद क्या रिपोर्ट देती है और जिला प्रशासन इस विवाद का स्थायी समाधान किस तरह करता है।
मुख्य मांगें एक नजर में
- विद्यालय का संचालन आनन्दपुर में सुनिश्चित किया जाए।
- विद्यालय संचालन से जुड़े आदेश को रद्द करने के कारणों की निष्पक्ष जांच हो।
- विद्यालय की जमीन और संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए।
- छात्राओं के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
- विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो।
- अधिकारियों द्वारा विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
- छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा को निर्णय में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
Written & Edit by : Chandan Patel

