खैरा परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थी, सॉल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका
जमुई। बिहार में चल रही उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान जमुई जिले के खैरा स्थित परीक्षा केंद्र पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थी की जगह बैठकर परीक्षा दे रहे एक युवक को अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया और प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
दस्तावेज सत्यापन में खुली पोल
जानकारी के अनुसार, खैरा स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के पहचान पत्र और दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक युवक के दस्तावेजों और पहचान संबंधी तथ्यों में संदेह होने पर अधिकारियों ने उसकी गहन जांच की।
जांच के दौरान कई विसंगतियां सामने आईं, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
सारण जिले का रहने वाला है गिरफ्तार युवक
गिरफ्तार युवक की पहचान सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र के करणपुरा गांव निवासी मो. सरोज अंसारी के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि वह किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र पहुंचा था।
पहले भी दूसरे नाम से दे चुका है परीक्षा
प्रारंभिक पूछताछ में अधिकारियों को पता चला कि मो. सरोज अंसारी 14 जून को अररिया जिले के एक परीक्षा केंद्र पर भी मो. सिराज अंसारी के नाम से परीक्षा दे चुका है। इस खुलासे के बाद अधिकारियों का संदेह और गहरा गया।
प्रशासन को आशंका है कि मामला केवल एक फर्जी परीक्षार्थी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी संगठित सॉल्वर गैंग का नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है।
सॉल्वर गैंग के एंगल से जांच शुरू
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। गिरफ्तार युवक से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि अब तक कितनी परीक्षाओं में इस तरह की धोखाधड़ी की गई है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
एसपी ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले और ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल
इस घटना ने भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों की सतर्कता के कारण फर्जी परीक्षार्थी समय रहते पकड़ा गया, लेकिन इस तरह की घटनाएं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर असर डालती हैं।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाएगा।
खैरा परीक्षा केंद्र पर फर्जी परीक्षार्थी की गिरफ्तारी ने बड़ा सवाल उठता है
जमुई के खैरा परीक्षा केंद्र पर फर्जी परीक्षार्थी की गिरफ्तारी ने एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय सॉल्वर गैंग और फर्जीवाड़े के नेटवर्क की ओर इशारा किया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं तथा इसके पीछे कौन-कौन से चेहरे सामने आते हैं।
Written by : Chandan Patel.
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