Maheshwari Panchayat MGNREGA Scam: बिना काम कराए सरकारी राशि निकासी का आरोप
जमुई जिले के सोनो प्रखंड अंतर्गत महेश्वरी पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत के बोथा मौजा में संचालित कई खेत पोखरी निर्माण योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई योजनाएं केवल कागजों पर चल रही हैं, जबकि जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है।
गीता देवी के नाम पर पोखरी, लेकिन परिवार को नहीं जानकारी
ग्रामीणों के अनुसार गीता देवी (पति- मनधत तुरी) के नाम पर खेत पोखरी निर्माण कार्य दिखाया गया है। जब उनसे और उनके परिवार से संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें ऐसी किसी भी योजना की जानकारी नहीं है।
गीता देवी, उनके पति और पुत्र ने बताया कि वे ढोलाजोर गांव में रहते हैं और उनके खेत में किसी प्रकार की पोखरी का निर्माण नहीं हुआ है। उन्होंने इस योजना से अपना कोई संबंध होने से भी इनकार किया।

जागो तुरी ने लगाया फर्जीवाड़े का आरोप
मामले में एक और नाम जागो तुरी (पिता- स्वर्गीय मनी तुरी) का सामने आया है। जागो तुरी ने खेत पोखरी योजना की जानकारी होने से इनकार करते हुए लिखित शिकायत दी है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर फर्जी तरीके से राशि निकालने का प्रयास किया जा रहा है। वही शिकायत में पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत रोजगार सेवक की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
अर्जुन मांझी की पत्नी के नाम पर भी योजना का दावा
ग्रामीणों के अनुसार गीता देवी (पति- अर्जुन मांझी) के नाम पर भी खेत पोखरी निर्माण कार्य दर्शाया गया है। लेकिन संबंधित लाभुक ने भी ऐसी किसी योजना की जानकारी होने से साफ इनकार किया है।
इस खुलासे के बाद पंचायत में मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
शंकर तुरी के खेत में चल रहे कार्य पर भी सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि शंकर तुरी के खेत में चल रहे पोखरी निर्माण कार्य में मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर भुगतान किया जा रहा है, जबकि कार्य की वास्तविक स्थिति संदिग्ध है।
लोगों का कहना है कि कई मामलों में बिना काम कराए मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर सरकारी राशि की निकासी की जा रही है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मनरेगा योजना में बड़े भ्रष्टाचार का मामला हो सकता है।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को तेज गति देना है। लेकिन महेश्वरी पंचायत में सामने आए आरोपों ने ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो गरीबों और वास्तविक लाभुकों के अधिकारों का हनन होता रहेगा।
मुखिया से नहीं हो सका संपर्क
इस पूरे मामले में पंचायत का पक्ष जानने के लिए महेश्वरी पंचायत के मुखिया अवधेश सिंह से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
उनका पक्ष मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
क्या बोले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी?
सोनो प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) विनोद कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है।
उन्होंने कहा कि पंचायत रोजगार सेवक को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार पूरी कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मनरेगा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे।
महेश्वरी पंचायत में मनरेगा के तहत पोखरी निर्माण योजनाओं को लेकर उठे सवाल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
महेश्वरी पंचायत में मनरेगा के तहत खेत पोखरी निर्माण योजनाओं को लेकर उठे सवाल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर वास्तविकता क्या है और क्या दोषियों पर कार्रवाई हो पाएगी या नहीं।
Written by : Chandan Patel.
