कटौना बालू घाट में नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप: जमुई जिले के कटौना स्थित बालू घाट क्लस्टर संख्या 14 पर अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संवेदक वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा सरकार और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उठाव कराया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक गहराई तक नदी से बालू निकाला जा रहा है, जिससे पर्यावरण और भूजल स्तर पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
15 फीट से अधिक गहराई तक की जा रही खुदाई
सरकारी नियमों के मुताबिक नदी से सीमित गहराई तक ही बालू खनन की अनुमति होती है, ताकि नदी का प्राकृतिक स्वरूप और जल प्रवाह प्रभावित न हो। लेकिन कटौना बालू घाट क्लस्टर नंबर 14 पर जेसीबी और पोकलेन मशीनों के जरिए करीब 15 फीट से अधिक गहराई तक खुदाई किए जाने का आरोप लगाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के बीचों-बीच गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जो आने वाले समय में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन गड्ढों से मवेशियों और लोगों की जान को भी खतरा बढ़ गया है।
अंधाधुंध बालू खनन से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
अंधाधुंध खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि दिन-रात भारी मशीनों से बालू उठाव किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय मौन बना हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि इसी तरह अवैध खनन जारी रहा तो बरसात के मौसम में नदी का बहाव बदल सकता है और आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।

पर्यावरण और भूजल स्तर पर मंडराया संकट
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गहराई तक बालू खनन होने से क्षेत्र का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा सकता है। इसका सीधा असर आसपास के गांवों के चापाकल, कुएं और जल स्रोतों पर पड़ेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार नदी की प्राकृतिक संरचना से छेड़छाड़ भविष्य में जल संकट और कटाव जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है।
राजस्व चोरी की भी आशंका
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि तय मापदंड से अधिक बालू उठाव कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध तरीके से अतिरिक्त बालू निकालकर बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है।
प्रशासन ने जांच की कही बात
जब इस मामले को लेकर जब खनन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने जांच कराने की बात कही है। हालांकि अब तक किसी भी प्रकार की बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
Ground Report By : Bikki Kumar
Edited and Written by : Chandan Patel.
