जमुई जिला प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए जिले में कार्यरत पदाधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ कार्यशाला का आयोजन किया। इस विशेष सत्र का शुभारंभ न्यू द्वारिका विवाह भवन में जिला पदाधिकारी नवीन द्वारा किया गया। यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र में आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
जिला पदाधिकारी ने दिखाई सक्रिय भागीदारी
इस कार्यशाला की खास बात यह रही कि जिला पदाधिकारी स्वयं अधिकारियों के साथ शामिल हुए और प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों और लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच अक्सर मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि एक शांत और संतुलित मन ही बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होता है।

सुदर्शन क्रिया और श्वास तकनीकों का अभ्यास
कार्यशाला के पहले दिन ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के विशेषज्ञों द्वारा अधिकारियों को सुदर्शन क्रिया और विभिन्न श्वास तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इन तकनीकों के माध्यम से तनाव को कम करने, मन को शांत रखने और एकाग्रता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

बेहतर प्रशासन के लिए मानसिक संतुलन जरूरी
जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यदि अधिकारी मानसिक रूप से स्वस्थ और प्रसन्न रहेंगे, तो इसका सीधा असर उनके कार्य व्यवहार और जनता से संवाद में दिखेगा। एक संतुलित अधिकारी जनता की समस्याओं को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से देखता है।
नई कार्य-संस्कृति की ओर बढ़ता जमुई प्रशासन
यह पहल जमुई जिला प्रशासन में एक नई कार्य-संस्कृति की शुरुआत का संकेत देती है। इससे अधिकारियों में बेहतर टीम वर्क, एकाग्रता और दबाव की स्थिति में धैर्य बनाए रखने की क्षमता विकसित होगी, जो जिले के विकास कार्यों को नई गति देने में सहायक साबित हो सकती है।
संदेश: मजबूत प्रशासन के लिए मानसिक मजबूती जरूरी
इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि एक सुदृढ़ और प्रभावी प्रशासन के लिए केवल शारीरिक सक्रियता ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होना भी बेहद आवश्यक है।
