जमुई में गैस आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को जिला पदाधिकारी नवीन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल सहित सभी गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मौजूद रहे।
गैस की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों से बचने की अपील
समीक्षा के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में प्रतिदिन 5188 गैस सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है, जबकि औसत मांग 3745 सिलेंडरों की है। इसके अलावा गोदामों में 5454 से अधिक सिलेंडरों का स्टॉक अभी सुरक्षित है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
बुकिंग सिस्टम में बदलाव, तय किया गया अंतराल
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन ने बुकिंग अंतराल तय कर दिया है। अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ही दोबारा गैस बुकिंग की जा सकेगी। यह नियम होम डिलीवरी के बाद भी लागू रहेगा। डीएम ने उपभोक्ताओं से केवल जरूरत के अनुसार ही गैस बुकिंग करने की अपील की।
पीएनजी कनेक्शन को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों पर 24 घंटे के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने लोगों से सिलेंडर पर निर्भरता कम कर सुरक्षित और आधुनिक ईंधन पीएनजी अपनाने की अपील की।
कालाबाजारी और फर्जीवाड़े पर ‘जीरो टॉलरेंस’
प्रशासन ने गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। बिना डिलीवरी के फर्जी मैसेज भेजने वाली एजेंसियों की जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
जमुई में शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उपभोक्ता 06345-222001 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक भीड़ से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

