Saheli Smart Pink card

Saheli Smart Pink card बनवाने की मची होड़, महिलाएं हो रही परेशान न कोई व्यवस्था न कोई खबर..

नई दिल्ली: दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को पिंक कार्ड से जोड़ने के बाद अब सरकारी केंद्रों पर कार्ड बनवाने के लिए भारी भीड़ देखने को मिल रही है. सुबह 9 बजे से कार्ड बनना शुरू होता है, लेकिन महिलाएं सुबह 6–7 बजे से ही लाइन में लग जाती हैं. एक दिन में लगभग एक सेंटर पर 150 -200 कार्ड बनाए जा रहे हैं. डीटीसी ने दिल्ली में 50 केद्र बनाये हैं. जबकि इससे कई गुना ज्यादा महिलाएं कार्ड बनवाने के लिए पहुंच रही हैं. ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार कई महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.

ये आंकड़ा आगामी दिनों में और बढ़ेगा और अव्यवस्था फैलेगी। पूरी दिल्ली में लाखों महिलाएं है Pink Saheli Smart card बनने के लिए और पास सेंटर मात्र 50 बने है।

Saheli Smart Pink card
शादीपुर बस डिपो

राजधानी में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच शादी पर डिपो, हरि नगर पास डिपो, उत्तम नगर पास डिपो,  SDM ऑफिस – बदरपुर, SDM ऑफिस बवाना, SDM ऑफिस यमुना विहार, बुराड़ी बस डिपो इसी तरह आदि कार्ड सेंटर पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही महिलाएं लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि पीने के पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कई महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़े: प‍िंक सहेली स्‍मार्ट कार्ड इन 50 सेंटर्स पर बनेंगे कार्ड – जाने..

छात्राओं का भविष्य दांव पर

सबसे गंभीर स्थिति उन छात्राओं की है जिनके वर्तमान में फाइनल एग्जाम चल रहे हैं। छात्राओं का कहना है कि:

  • कार्ड बनवाने के चक्कर में उनका पूरा दिन लाइन में निकल जाता है।
  • पढ़ाई का कीमती समय बर्बाद हो रहा है।
  • परीक्षा के तनाव के बीच घंटों धूप में खड़ा रहना मानसिक और शारीरिक रूप से थका देने वाला है।

मुख्य समस्याएँ और मांगें

महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वर्तमान व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं:

  1. सेंटरों की भारी कमी: पूरी दिल्ली में मात्र 50 सेंटर बनाए गए हैं, जो करोड़ों की आबादी वाली दिल्ली के लिए ऊँट के मुँह में जीरा समान हैं।
  2. ऑनलाइन सिस्टम का अभाव: महिलाओं की पुरजोर मांग है कि इस पूरी प्रक्रिया को Online किया जाए ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
  3. पुरानी व्यवस्था की मांग: अधिकतर महिलाओं का कहना है कि पहले वाली ‘पिंक टिकट’ व्यवस्था ही सबसे बेहतर थी। उसमें बस में चढ़ते ही टिकट मिल जाता था और समय की बचत होती थी।

महिलाओं का तर्क: जब सरकार को मुफ्त यात्रा ही देनी है, तो इस नए कार्ड के नाम पर हमें लाइनों में खड़ा करके परेशान क्यों किया जा रहा है? पिंक टिकट सिस्टम ही सबसे सुलभ और सरल था।

इस स्थिति को देखते हुए विभाग पर दबाव बढ़ रहा है कि या तो सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए या फिर इस प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जाए।

यह भी पढ़े: Teenage girls problems : 13+ वर्ष की लड़कियों की क्या समस्याएँ और उन्हें कैसे समझे?.. !

Note :-

Disclaimer/अस्वीकरण:  नीतियों और नियमों में होने वाले बदलावों की नवीनतम और सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट DTC and Delhi Government देखें। क्योकि नियमों में समय-समय पर परिवर्तन होते रहते हैं, इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह आर्टिकल और प्रकाशक किसी भी त्रुटि या चूक के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

| हमें उम्मीद है की आपको यह आर्टिकल व लेख “! “Saheli Smart Pink card बनवाने की मची होड़, महिलाएं हो रही परेशान न कोई व्यवस्था न कोई खबर.. ! जरुर पसंद आई होगी। हमारी हमेशा से यही कोशिश रहती है की रीडर को पूरी सही जानकारी प्रदान की जाये।

!!अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे आपने सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। इस आलेख को पढ़ने के लिए धन्यवाद। avnnews.in में दोबारा विजिट करते रहें…..!!

By: KP
Edited  by: KP

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *