गिद्धौर बाजार की हकीकत: जमुई जिले के गिद्धौर बाजार की स्थिति इन दिनों काफी चिंताजनक बनी हुई है। बाजार में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग खरीदारी और जरूरी कामों के लिए आते हैं, लेकिन सबसे बुनियादी सुविधा—शुद्ध पीने का पानी—यहां पूरी तरह से नदारद है।
भीषण गर्मी में बढ़ी परेशानी
अप्रैल-मई की तपती गर्मी में जब तापमान 40 डिग्री के पार जा रहा है, ऐसे में पानी की कमी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आते हैं।
कई बार मजबूरी में लोग गंदा या असुरक्षित पानी पीने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
राहगीरों और ग्राहकों की मुश्किलें
गिद्धौर बाजार में आने वाले राहगीर, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
- घंटों बाजार में रहने के बावजूद पानी की कोई सुविधा नहीं
- दुकानदार भी सीमित संसाधनों के कारण सभी को पानी नहीं दे पाते
- गर्मी में चक्कर आना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को क्यों नजरअंदाज कर रहे हैं?
जहां एक ओर सरकार स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
गिद्धौर जैसे प्रमुख बाजार में एक भी पब्लिक वाटर कूलर या चापाकल की उचित व्यवस्था नहीं होना प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों का कहना है कि:
- बाजार में कम से कम 2-3 जगहों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए
- वाटर कूलर या आरओ सिस्टम लगाया जाए
- नियमित रूप से पानी की सफाई और जांच हो
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
पानी की कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही है। गंदा पानी पीने से डायरिया, उल्टी, बुखार जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है।
समाधान क्या हो सकता है?
इस समस्या का समाधान बहुत कठिन नहीं है, बस जरूरत है सही पहल की:
बाजार में सरकारी स्तर पर वाटर कूलर और हैंडपंप लगवाना
पंचायत और नगर प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी तय करना
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा फंड का सही उपयोग
समाजसेवी संस्थाओं की भागीदारी
गिद्धौर बाजार में पीने के पानी की समस्या एक छोटी दिखने वाली लेकिन गंभीर मुद्दा है
अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
अब जरूरत है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर पर काम करें और लोगों को राहत दें।
