जमुई | बरहट प्रखंड|जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित कटौना नदी घाट इन दिनों अवैध बालू खनन को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि मलयपुर थाना क्षेत्र के क्लस्टर-14 में खनन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर नदी की छाती को बेरहमी से छलनी किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
दिन-रात चल रहा बालू का उत्खनन
ग्रामीणों के मुताबिक कटौना नदी से दिन-रात बालू का उत्खनन किया जा रहा है। खनन के लिए तय सीमा का उल्लंघन करते हुए करीब 10 फीट से भी अधिक गहराई तक खुदाई की जा रही है।
लोगों ने बताया कि जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनों से नदी के बीचों-बीच गहरे गड्ढे बना दिए गए हैं। कई ऐसे इलाके जहां खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, वहां भी मशीनों के जरिए बालू निकाला जा रहा है।

नदी का अस्तित्व खतरे में, सूखते जलस्रोत से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की अंधाधुंध खुदाई से कटौना नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। नदी के बीच गहरे गड्ढे बनने से जलधाराएं प्रभावित हो रही हैं।
लोगों की चिंता सिर्फ नदी तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में पीने के पानी का भी हाहाकार मच सकता है।
गांवों में पहले ही कई कुएं और चापाकल सूखने लगे हैं। ऐसे में अगर नदियां भी खत्म हो जाएंगी तो ग्रामीणों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
पर्यावरण और खेती पर भी पड़ रहा असर
ग्रामीणों ने बताया कि भारी मशीनों से हो रहे अवैध खनन का असर आसपास की खेती और पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। नदी के किनारे की जमीन कटाव का शिकार हो रही है और खेतों की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि बालू खनन के नियमों की अनदेखी कर संवेदक मनमाने तरीके से उत्खनन करा रहा है।

पहले भी लग चुका है 17 लाख से ज्यादा का जुर्माना
कटौना नदी घाट के संवेदक पर पहले भी खनन नियमों के उल्लंघन के आरोप लग चुके हैं। विभाग द्वारा उस पर 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
जांच के लिए बनेगी टीम : जिला खनन पदाधिकारी
इस मामले में जिला खनन पदाधिकारी केशव कुमार पासवान ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी। यदि जांच में खनन नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित संवेदक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की मांग: नदी को बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कटौना नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि नदी, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों का पानी बचाया जा सके।
