अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शुक्रवार तड़के तीन जोरदार धमाकों और लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई दी। ये घटनाएं ऐसे समय में हुईं जब कुछ ही घंटे पहले अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का दावा किया था। राजधानी में धमाकों की खबर से लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि धमाकों की सटीक जगह और संभावित हताहतों की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है। सीमा पार पहले से ही बढ़ते सैन्य तनाव के बीच राजधानी में हुई इन घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

पाकिस्तान पर अफगानिस्तान का जवाबी हमला

अफगान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि खोस्त प्रांत के अलीशेर-तेरेजी जिले में बाबरक पोस्ट के तहत अंजर सर इलाके में स्थित पाकिस्तानी मुख्यालय पर कब्जा कर लिया गया है। उनके मुताबिक इस कार्रवाई में दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं और भारी मात्रा में हथियार अफगान बलों के हाथ लगे हैं। इसके बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि डूरंड लाइन पर व्यापक जवाबी सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान 203 मंसूरी कॉर्प्स और 201 खालिद बिन वलीद कॉर्प्स द्वारा पक्तिया, पक्तिका, खोस्त, कुनर, नूरिस्तान और नंगरहार प्रांतों के विभिन्न इलाकों और तोरखम गेट पर चलाया जा रहा है।
फितरत के दावे के अनुसार अब तक एक मुख्यालय और 19 चौकियों पर कब्जा किया गया है। चार चौकियां खाली कराकर जला दी गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, 23 के शव बरामद हुए हैं और कुछ सैनिकों को जिंदा हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा हल्के और भारी हथियार जब्त किए गए हैं, एक टैंक नष्ट किया गया है और एक इंटरनेशनल हार्वेस्टर वाहन कब्जे में लिया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अफगानिस्तान

डूरंड लाइन पर फिर भड़की आग

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे डूरंड लाइन कहा जाता है, लंबे समय से विवाद का विषय रही है। अफगानिस्तान ने इसे औपचारिक रूप से कभी मान्यता नहीं दी है। सीमा के तोरखम क्षेत्र में भी भारी गोलीबारी की खबर है। अफगान अधिकारियों ने सीमा के पास स्थित शरणार्थी शिविर खाली कराए हैं, जबकि पाकिस्तान की ओर भी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अफगानिस्तान की ओर से दागे गए मोर्टार गोले पाकिस्तान के कुछ गांवों में गिरे, हालांकि नागरिक हताहतों की पुष्टि नहीं हुई है। पिछले कुछ महीनों में इसी सीमा क्षेत्र में कई बार झड़पें हो चुकी हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से शुरू हुआ ताजा विवाद

ताजा घटनाक्रम की शुरुआत रविवार को हुई पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से मानी जा रही है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने सीमा पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। वहीं अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में कई नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, मारे गए। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि ये सटीक हमले हालिया आतंकी घटनाओं के जवाब में किए गए थे। उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।

अक्तूबर की झड़पों के बाद से बिगड़े रिश्ते

गौरतलब है कि अक्तूबर में सीमा पर हुई हिंसक झड़पों में दोनों देशों के सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद से रिश्तों में लगातार कड़वाहट बनी हुई है। 19 अक्तूबर को कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन तुर्किये के इस्तांबुल में हुई वार्ता किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच सकी।

9 अक्तूबर को काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमलों की खबर सामने आई थी। तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया था कि ये कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से की गई। हालांकि पाकिस्तान ने सीधे तौर पर जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की, लेकिन उसने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अफगान जमीन का इस्तेमाल TTP जैसे संगठनों को पनाह देने के लिए नहीं होना चाहिए।

क्षेत्रीय शांति पर मंडराता खतरा

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। काबुल में धमाकों और सीमा पर जारी जवाबी कार्रवाइयों ने संकेत दे दिया है कि हालात फिलहाल शांत होने के बजाय और ज्यादा विस्फोटक होते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कूटनीतिक पहल नहीं हुई तो यह टकराव व्यापक संघर्ष का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरे दक्षिण एशिया पर पड़ सकता है।

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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