नया महीना आया है, लेकिन राहत नहीं—बल्कि फरवरी की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगाई का नया पैकेज लेकर आई है। सिगरेट से लेकर गैस सिलेंडर तक और लोन से लेकर घर खरीदने तक, छह बड़े बदलाव सीधे हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले हैं। सरकार और सिस्टम के फैसले अपनी जगह, लेकिन सवाल वही पुराना है—इसका बोझ आखिर उठाएगा कौन?
1. सिगरेट और तंबाकू पर टैक्स की मार, शौक अब और महंगा
फरवरी से सिगरेट, पान मसाला, गुटखा और खैनी जैसे तंबाकू उत्पादों पर 40% GST लागू हो गया है। ऊपर से सिगरेट की लंबाई के हिसाब से नई एक्साइज ड्यूटी भी जोड़ दी गई है।
मतलब साफ है—अब सिगरेट सिर्फ सेहत के लिए नहीं, जेब के लिए भी खतरनाक हो गई है। एक्साइज और GST दोनों लगने से ‘टैक्स पर टैक्स’ की स्थिति बन गई है, जिससे बाजार में कीमतें 15% से 40% तक बढ़ सकती हैं।
सरकार का मकसद राजस्व बढ़ाना है, लेकिन इसका सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर पड़ेगा।

2. फास्टैग में राहत, लेकिन राहत भी सीमित
थोड़ी राहत की खबर ये है कि अब नई कारों के लिए फास्टैग बनवाने में KYV (नो योर व्हीकल) वेरिफिकेशन नहीं कराना होगा। पहले जहां डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन में समय और परेशानी होती थी, अब वो झंझट कम हुआ है। हालांकि जांच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है—शिकायत मिलने पर ही वेरिफिकेशन होगा।
3. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर फिर महंगा, खाने-पीने पर असर
19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹50 तक महंगा हो गया है। दिल्ली में अब इसकी कीमत ₹1740 के पार पहुंच गई है। इसका सीधा असर ढाबों, होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा—और आखिरकार महंगाई थाली तक पहुंचेगी।

4. RBI से उम्मीद, लेकिन भरोसा अभी अधूरा
4 से 6 फरवरी तक RBI की मौद्रिक नीति बैठक होनी है। उम्मीद है कि ब्याज दर 0.25% घट सकती है।
अगर ऐसा हुआ तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI में थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन महंगाई के मौजूदा हालात में ये राहत मरहम से ज्यादा कुछ नहीं लगती।
5. हवाई टिकट सस्ते होने की उम्मीद
एविएशन फ्यूल के दाम करीब ₹1000 प्रति किलोलीटर घटे हैं। अगर एयरलाइंस इसका फायदा यात्रियों को देती हैं, तो हवाई टिकट थोड़े सस्ते हो सकते हैं। हालांकि पहले भी कई बार फ्यूल सस्ता हुआ, लेकिन टिकट उतने सस्ते नहीं हुए—इसलिए आम आदमी अभी संशय में ही है।
6. जमीन खरीद-बिक्री में आधार अनिवार्य, पारदर्शिता की कोशिश
उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में अब संपत्ति रजिस्ट्री के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया गया है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से फर्जीवाड़े और बेनामी संपत्ति पर रोक लगेगी—ये एक सकारात्मक कदम है। लेकिन बुजुर्गों और ग्रामीण इलाकों में इसे लेकर तकनीकी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।
कुल मिलाकर सवाल वही है…फरवरी का महीना महंगाई तय
फरवरी के ये बदलाव बताते हैं कि महंगाई का दबाव अभी कम होने वाला नहीं है। सिगरेट महंगी, गैस महंगी, रोज़मर्रा की चीज़ों पर असर—और राहत सिर्फ उम्मीदों में।
आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि
जब आमदनी उतनी नहीं बढ़ रही, तो खर्च कैसे संभाला जाए?
बदलाव जरूरी हैं, सिस्टम सुधार भी जरूरी है—
लेकिन जब हर बदलाव का असर सीधे जेब पर पड़े,
तो महंगाई सिर्फ आंकड़ा नहीं, दर्द बन जाती है।
