Matia Mahal Assembly Constituency: दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबकी नजर अब मुस्लिम बहुल सीटों पर है. मुस्लिम बहुल सीटों में शुमार एक मटिया महल भी है. पुरानी दिल्ली की मटिया महल विधानसभा सीट का इतिहास बेहद ही दिलचस्प है. तकरीबन 60 फीसद मुस्लिम वोटर्स उम्मीदवारी वाली चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं. वही इस सीट पर अलग-अलग दलों के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले शोएब इकबाल को पांच बार जीत मिली है. वही कहा जाता है कि शोएब इकबाल का नाम और चेहरा चलता है. हालांकि एक बार आम आदमी पार्टी की लहर में हार का मुंह भी देखना पड़ा है. इस बार शोएब इकबाल को आप यानी आम आदमी पार्टी ने टिकट दिया था.
कुछ दिनों के बाद पार्टी ने पिता की जगह बेटे को लड़ाने का फैसला किया. वही दिल्ली के पूर्व डिप्टी मेयर रहे आले मुहम्मद इकबाल को मटिया महल से आप ने चुनावी मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने असीम अहमद खान को अपना उम्मीदवार बनाया है. वही असीम अहमद साल 2015 में मटिया महल से आप के विधायक रह चुके हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शोएब इकबाल को शिकस्त दिया था. वही मटिया महल के दंगल में बीजेपी ने दीप्ति इंदौरा को उतारा है. मटिया महल विधानसभा में अकेली महिला प्रत्याशी है दीप्ति इंदौरा ।
चलिए जानते हैं कौन है दीप्ती इंदौरा और भाजपा ने क्यों टिकट दिया?
दीप्ति इंदौरा का जन्म भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के कर्मठ और समर्पित विद्यार्थी परिवार में हुआ। दीप्ति इंदौरा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से स्नातक करने के उपरांत स्नातकोत्तर – शिक्षा (MA इन एजुकेशन) IASE, राजस्थान डीम्ड यूनिवर्सिटी, MA in Education, D-Ed (Equiv to JBT), CTET परीक्षा उत्तीर्ण करके अध्यापिका के रूप में रामजस V.D.U. C. बल्लीमारन एवं जय भारत स्कूल चावड़ी बाज़ार में अपनी सेवाएं दीं।

दीप्ति इंदौरा का दिल्ली में राजनीतिक पृष्ठभूमि
दीप्ति इंदौरा के दादा जी स्व. श्री राम स्वरुप विद्यार्थी जी, भारतीय जनसंघ से करोल बाग लोकसभा सीट पर चौथी लोकसभा में 1967 से सांसद रहे एवं माता जी स्व. श्रीमती पूर्णिमा विद्यार्थी पटेल नगर विधानसभा के तीन अलग-अलग वार्डो से 1997, 2007 एवं 2012 में निगम पार्षद रहते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम में वर्ष 2013-2014 तक उपमहापौर भी रहीं थी। स्वयंसेवक पिता श्री महेंद्र विद्यार्थी जी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से B.A. LL.B. की और सरकारी स्वामित्व की कंपनी में प्रथम श्रेणी के अधिकारी पद से सेवानिवृत हुए ।
दीप्ति इंदौरा पिछले कई वर्षो से इस क्षेत्र एवं दलित समाज के उत्थान के लिए हमेशा प्रयास करती रहीं हैं। भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन संगठन (BASTA) के सक्रिय सदस्य के रूप में अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों का उच्च शिक्षा एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभ्भिन छोटे-बड़े समारोह के द्वारा हमेशा मार्गदर्शन किया है। समय-समय पर स्थानीय क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के विषय में मार्गदर्शन पहुंचाने का कार्य भी किया है।
कोरोना काल के महामारी जरूरतमंदो के लिए हर संभव मदद पहुंचाई तथा रोजाना राशन बांटने की व्यवस्था का ध्यान रखा। क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों (श्री राम हनुमान वाटिका, हरिहर उदासीन आश्रम, श्री राम बजरंगी संगठन) सक्रिय सदस्य के रूप अपना योगदान दिया। 2022 में मटिया महल विधानसभा के दिल्ली गेट वार्ड से भाजपा प्रत्याशी रही हैं। इस विधानसभा के सभी वार्डों में लगातार निशुल्क मेडिकल शिविर लगवाती रही है।
रोचक है मटिया महल विधानसभा सीट का इतिहास
मटिया महल विधानसभा इलाके में अलग से चुनावी वादे नहीं किए जा रहे हैं. मटिया महल विधानसभा के वोटर्स इस इलाके का विकास चाहते हैं. मटिया महल में उन्होंने कहा है कि हर चुनाव में विकास की उम्मीद पैदा होती है. वही होटल चलाने वाले हाजी खान ने बताया है कि उम्मीद किसी से नहीं है. वही प्रत्याशी जीतने के बाद काम ही नहीं करते. जनता को सिर्फ रोना पड़ता है. दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए भी सुविधा की मांग की है. यहां किसी पर एक पार्टी के पक्ष में लोग खुलकर सामने नहीं आए. उन्होंने कहा है कि जिसकी बात में जितना दम नजर आएगा उसे ही वोट मिलेगा. लेकिन महिला उम्मीदवार होने के नाते और उनका सेवा भाव को देखते हुए एक बार दीप्ती इंदौरा को मौका मिलना चाहिए क्योंकि हमने सभी पार्टियों को चांस दिया है, हम एक बार दीप्ती इंदौरा को भी आजमाते है।
