जमुई (टाउन थाना क्षेत्र) – लगमा पैनपुरबा टोला में हुए किसान गणेश रावत हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के सात दिन बाद एक नया सुराग जरूर मिला है, लेकिन इससे ज्यादा दर्द इस बात का है कि अब तक हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर हैं और परिवार न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहा है।

कंबल में लिपटा मिला कारतूस का ऊपरी हिस्सा

रविवार को घर की सफाई के दौरान परिजनों को एक कंबल में लिपटा हुआ कारतूस का ऊपरी भाग मिला। यह वही घर है, जहां बीते रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि सोए अवस्था में किसान गणेश रावत की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस दोपहर करीब 2 बजे मौके पर पहुंची और कारतूस के उस हिस्से को कंबल सहित जब्त कर जांच के लिए थाना ले गई।

हत्या
कंबल में लिपटा मिला कारतूस का ऊपरी हिस्सा

परिवार का दर्द: “7 दिन बाद भी नहीं मिला इंसाफ”

गणेश रावत के परिजन आज भी सदमे में हैं। घर का हर कोना उस दर्दनाक रात की कहानी बयां कर रहा है।

परिवार वालों का कहना है कि:

“एक हफ्ता बीत गया, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही हत्यारों का कोई सुराग मिला। हम आखिर किससे न्याय की उम्मीद करें?”

उनकी आंखों में आंसू हैं और दिल में सिर्फ एक सवाल – क्या उन्हें इंसाफ मिलेगा?

ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, पुलिस पर उठे सवाल

घटना के सात दिन बाद सुराग मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि:

  • जांच में देरी हो रही है
  • अपराधियों को पकड़ने में लापरवाही बरती जा रही है
    और कहीं न कहीं जांच पर राजनीतिक दबाव भी
  • असर डाल रहा है
  • आक्रोशित लोगों ने मौके पर पुलिस का विरोध किया और जल्द कार्रवाई की मांग की।

पुलिस का दावा: “जांच जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी”

मामले में थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि:
घटनास्थल से कारतूस का ऊपरी भाग बरामद किया गया है
उसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है
मामले की गहन जांच जारी है

उन्होंने भरोसा दिलाया कि: “बहुत जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।”

न्याय की उम्मीद और एक हत्या नहीं सिस्टम से सवाल

एक किसान, जो अपने परिवार का सहारा था, अब इस दुनिया में नहीं है। पीछे छूट गया है एक टूटा हुआ परिवार और कई अनुत्तरित सवाल।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की उस धीमी रफ्तार का आईना भी है, जहां हर बीतता दिन पीड़ित परिवार के जख्मों को और गहरा कर देता है।

अंतिम सवाल

क्या गणेश रावत के परिवार को जल्द न्याय मिलेगा?
या यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

पूरा इलाका अब सिर्फ एक ही चीज का इंतजार कर रहा है

Report By:  Vikki Kumar
Edited  by: Chandan Patel

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