जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुलवरिया में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां छात्राओं और छात्रों ने आरोप लगाया है कि आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद टीसी यानी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) देने के नाम पर उनसे अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं।
टीसी के बदले 50 से 100 रुपये की वसूली
छात्रों का कहना है कि टीसी प्राप्त करने के लिए उनसे 50 से 100 रुपये तक की मांग की जाती है। जो छात्र पैसे देने से मना करते हैं, उनके टीसी को जानबूझकर रोका जाता है। इससे छात्र मानसिक दबाव में आकर पैसे देने को मजबूर हो जाते हैं।
कक्षा 8 के छात्र अंकित कुमार सिंह और कक्षा 6 के छात्र प्रशांत राम व मोहित कुमार सहित कई छात्रों ने इस बात की पुष्टि की है।
जन्मतिथि सुधार के नाम पर भी आरोप
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी स्कूल में जन्मतिथि सुधार के नाम पर पैसे लेने के आरोप लग चुके हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
‘मनोरंजन किट’ भी नहीं मिल रहा
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले ‘मनोरंजन किट’ का सामान उन्हें नहीं दिया जा रहा है। जब छात्र इस बारे में पूछते हैं, तो शिक्षक साफ इनकार कर देते हैं।
बुनियादी सुविधाओं की कमी, फिर भी वसूली
विद्यालय में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। इसके बावजूद छात्रों से पैसे वसूले जाने से अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
मुखिया ने DEO से की शिकायत
ग्रामीणों की शिकायत पर पंचायत के मुखिया कपिलदेव प्रसाद ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को फोन कर मामले की जानकारी दी और दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानाध्यापक ने खुद को बताया अलग
इस पूरे मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार ने खुद को अलग बताया है। उनका कहना है कि वे टीसी जारी नहीं कर रहे हैं और यह कार्य किसी अन्य शिक्षक द्वारा किया जा रहा है।
हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि बिना प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर और विद्यालय की मुहर के टीसी कैसे जारी हो रहे हैं?

अब कार्रवाई का इंतजार
यह मामला शिक्षा व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है या फिर छात्रों से अवैध वसूली का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।
