जमुई जिले के दादपुर गांव में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद मातम का माहौल है। ईंट भट्ठा में काम करने वाले 25 वर्षीय मजदूर परदेशी मांझी की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि इस हादसे में एक अन्य युवक घायल हो गया।
बताया जा रहा है कि परदेशी मांझी खैरा क्षेत्र के एक चिमनी भट्ठा से काम कर देर संध्या घर लौट रहे थे। इसी दौरान गिद्धौर थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन के चकमा देने से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पीड़ित परिवार से मिले समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़
घटना की जानकारी मिलते ही समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़ दादपुर गांव पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाया। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहयोग दिलाने का भरोसा दिलाया।
समाजसेवी ने कहा कि ऐसे संकट की घड़ी में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि वे पीड़ित परिवारों के पास पहुंचें, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक भी जनप्रतिनिधि अब तक उनसे मिलने नहीं आया।
“अगर अधिकारी ऐसे रहेंगे तो गरीब आगे कैसे बढ़ेगा”
गौरव सिंह राठौड़ ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और अब तक सरकार की आवास योजना से भी वंचित है। उन्होंने कहा—
“अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसी तरह उदासीन बने रहेंगे, तो गरीब परिवार कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा।”
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
पति की मौत से दो मासूम बच्चे हुए अनाथ
पीड़ित पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उनके पति रोजी-रोटी के लिए चिमनी भट्ठा में काम करते थे। हादसे के बाद उनके दो छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं।
पीड़ित महिला ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है ताकि बच्चों के भविष्य की कुछ व्यवस्था हो सके।
जमुई जिला प्रशासन से शीघ्र मुआवजे की मांग
समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को अविलंब मुआवजा दिया जाए और घायल युवक का समुचित इलाज सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर भी परिवार की हर संभव मदद करते रहेंगे।
News Editing by Chandan Patel
