अक्सर ट्रेन से सफर करने वाली महिलाएं यात्रियों की नजर में बेफिक्र और संदेह से दूर मानी जाती हैं। लेकिन जमुई रेलवे स्टेशन पर बुधवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जहां एक महिला का साधारण-सा बैग पुलिस के लिए “खुलासा पेटी” बन गया। बैग खुलते ही कपड़ों की जगह शराब की बोतलों ने पूरे हाईटेक तस्करी नेटवर्क की पोल खोल दी।
सिविल ड्रेस में जीआरपी का सटीक ऑपरेशन
जमुई जीआरपी को गुप्त सूचना मिली थी कि पटना–धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस के जरिए शराब की खेप लाई जा रही है। इसके बाद थाना प्रभारी मनोज देव के नेतृत्व में महिला और पुरुष जवानों की टीम को प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सादे लिवास में तैनात किया गया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी, शराब से भरा बैग लेकर उतर रही महिला को टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया, हालांकि उसकी अन्य साथी भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गईं।

गिरफ्तार महिला की पहचान और चौंकाने वाला कबूलनामा
गिरफ्तार महिला की पहचान रूपा कुमारी, पति ओमप्रकाश कुमार, निवासी धनबाद (झारखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ में रूपा ने बताया कि यह कोई अकेली कोशिश नहीं थी, बल्कि एक पूरी तरह संगठित महिला गिरोह बीते एक साल से ट्रेन के जरिए शराब की सप्लाई कर रहा था।

‘बुआ’ संभाल रही थी पूरे नेटवर्क की कमान
पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि इस गिरोह की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि रूपा की रिश्ते में लगने वाली ‘बुआ’ खुशबू देवी थी। धनबाद से ऑपरेट होने वाला यह नेटवर्क आधा दर्जन से अधिक महिलाओं और युवतियों के जरिए शराब की खेप बिहार पहुंचाता था।
महिला होने का फायदा, ट्रेन बना तस्करी का जरिया
गिरोह महिला होने का फायदा उठाकर झारखंड और पश्चिम बंगाल से शराब लाता और उसे जमुई, झाझा, गिद्धौर, चकाई और मंझवे जैसे इलाकों में सप्लाई करता था।
हर खेप पहुंचाने पर तस्करों को 2 से 5 हजार रुपये तक की रकम दी जाती थी। बुधवार को शराब रिसीव करने पहुंचे स्थानीय तस्कर पुलिस को देखकर बाइक छोड़कर फरार हो गए।
महिला जवानों की भूमिका रही अहम
थाना प्रभारी मनोज देव ने बताया कि इस कार्रवाई में महिला जवान जुली कुमारी, मुस्कान कुमारी, अनु कुमारी, प्रेरणा सिंह और रीता देवी की भूमिका बेहद सराहनीय रही। उनकी सतर्कता और सूझबूझ से ही महिला तस्कर को रंगे हाथों पकड़ा जा सका।
फरार तस्करों की तलाश में छापेमारी जारी
जीआरपी के अनुसार, फरार महिलाओं और स्थानीय शराब तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा।
