जमुई जिले के सिमुलतला क्षेत्र में रेलवे अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां ठेकेदार द्वारा लोहे की कटिंग के लिए घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था, जो सरकार के सख्त दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन है।
निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी
यह मामला आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सिमुलतला क्षेत्र का है, जहां रेलवे अंडरपास निर्माण कार्य जारी है। मौके पर देखा गया कि ठेकेदार द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल औद्योगिक कार्य—विशेषकर लोहे की कटिंग—के लिए किया जा रहा था, जबकि ऐसे कार्यों के लिए विशेष औद्योगिक गैस सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य होता है।

मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़
निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई। मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ऊंचाई पर काम करते पाए गए। उनके पास न तो सेफ्टी बेल्ट थी और न ही हेलमेट या अन्य जरूरी सुरक्षा साधन। ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।
जानकारी लेने पर ठेकेदार फरार
जब इस मामले की जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो मौके पर मौजूद ठेकेदार और कुछ मजदूर अचानक वहां से फरार हो गए। इस घटना ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
मजदूर ने किया खुलासा
मौके पर मौजूद कोलकाता के एक मजदूर ने बताया कि वे रेलवे का शेड बनाने का काम कर रहे थे। उसने स्वीकार किया कि कटिंग के लिए जिस सिलेंडर का उपयोग हो रहा था, वह घरेलू गैस सिलेंडर ही था, जिसे ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराया गया था। मजदूर ने यह भी बताया कि इस तरह का सिलेंडर सामान्यतः खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
नियमों का उल्लंघन, कार्रवाई की मांग
यह घटना न केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि किस तरह नियमों को दरकिनार कर मजदूरों की जान जोखिम में डाली जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर का औद्योगिक उपयोग करना खतरनाक होने के साथ-साथ गैरकानूनी भी है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय लोगों और जिम्मेदार नागरिकों ने इस मामले में संबंधित विभाग से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर रोक लगाई जा सके।
(नोट: यह मामला सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।)
