पति के साथ सात जन्मों तक निभाने की कसमें खाने वाली तीन बच्चों की मां ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। दो साल से चल रहे प्रेम प्रसंग के बाद महिला अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई और पीछे छोड़ गई मासूम बच्चे, जो अब मां की ममता के बिना जीने को मजबूर हैं।
बच्चों को लेकर थाने पहुंचा बेबस पिता
पत्नी की सकुशल बरामदगी की गुहार लेकर पीड़ित पति नीरज यादव अपनी दो बेटियों को साथ लेकर कोतवाली थाना पहुंचा। आंखों में आंसू और दिल में दर्द लिए वह पुलिस से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। उसका कहना है कि उसकी दुनिया उजड़ चुकी है और बच्चों का भविष्य अंधेरे में चला गया है।
अचानक गायब हुई पत्नी, शुरू हुई तलाश
पीड़ित पति ने बताया कि 12 जनवरी की दोपहर उसकी 35 वर्षीय पत्नी उमा देवी छोटी बेटी को साथ लेकर अचानक घर से गायब हो गई। पहले तो सोचा कि शायद किसी रिश्तेदार के यहां गई होगी, लेकिन जब कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला तो चिंता गहराती चली गई।
गौरीपुर गांव में प्रेमी संग रहने की मिली खबर
लगातार तलाश के बाद जानकारी मिली कि उमा देवी जमालपुर प्रखंड के गौरीपुर गांव में भोपिंद्र पासवान नामक युवक के साथ रह रही है। जब पति ने पत्नी को वापस लाने की कोशिश की तो उल्टे जान से मारने की धमकी मिलने लगी। यह सुनकर पति के पैरों तले जमीन खिसक गई।
चाय की दुकान से शुरू हुआ रिश्ता, घर की देहरी लांघ गया
नीरज यादव सदर अस्पताल के मुख्य गेट के पास चाय की दुकान चलाते हैं। दिन में पत्नी चाय बेचती थी, इसी दौरान उसकी मुलाकात भोपिंद्र पासवान से हुई। पहले बातचीत, फिर मोबाइल फोन और देखते-देखते रिश्ता प्रेम प्रसंग में बदल गया। पति को जब इस बात की भनक लगी तो उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार घर छोड़ने की धमकी देने लगी।
बेटे की मौत का दर्द, उस पर भी भारी पड़ा धोखा
पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2023 में गंगा में डूबने से उनके बेटे की मौत हो गई थी। उस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। आपदा विभाग की ओर से मिली चार लाख रुपये की सहायता राशि पत्नी के खाते में जमा थी। आरोप है कि वही रकम लेकर पत्नी प्रेमी के साथ फरार हो गई। एक पिता के लिए इससे बड़ा धोखा शायद कुछ और नहीं हो सकता।
शादीशुदा प्रेमी और तीन बच्चों का सच
पीड़ित का दावा है कि भोपिंद्र पासवान पहले से शादीशुदा है और उसके भी तीन बच्चे हैं। बावजूद इसके उसने एक और घर उजाड़ने में कोई संकोच नहीं किया। सवाल यह है कि आखिर ऐसे रिश्ते समाज को क्या संदेश दे रहे हैं?
पुलिस जांच में जुटी, इंसाफ की उम्मीद
मामले को लेकर कोतवाली थाना में आवेदन दिया गया है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी ने बताया कि आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

समाज के लिए सवाल और आईना
यह घटना सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल है। क्या रिश्तों की मर्यादा इतनी सस्ती हो गई है कि बच्चों का भविष्य भी मायने नहीं रखता? प्यार के नाम पर जिम्मेदारियों से भागना आखिर कब तक सही ठहराया जाएगा?
आज पति और बच्चे थाने के चक्कर काट रहे हैं, मां की राह ताक रहे हैं और समाज चुपचाप तमाशा देख रहा है। ऐसे में जरूरत है आत्ममंथन की, ताकि रिश्तों की बुनियाद फिर से भरोसे और जिम्मेदारी पर खड़ी हो सके।
