महाराष्ट्र की राजनीति आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां सत्ता, संवेदना और सियासत एक साथ चल रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असमय निधन के बाद राज्य न केवल एक कद्दावर नेता को खो चुका है, बल्कि सत्ता संतुलन भी नए सिरे से गढ़ा जा रहा है। इसी कड़ी में अब बड़ी खबर सामने आ रही है कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं।

महाराष्ट्र
स्वर्गीय डिप्टी सीएम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार

सूत्रों के मुताबिक, आज दोपहर 2 बजे मुंबई में एनसीपी विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की बैठक होगी। बैठक के बाद सुनेत्रा पवार के नाम का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है, जबकि शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना जताई जा रही है।

निजी शोक से सार्वजनिक जिम्मेदारी तक

एक पत्नी, एक नेता और एक नई भूमिका

अजित पवार के अचानक चले जाने से पवार परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे वक्त में सुनेत्रा पवार का आगे आना केवल राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जिम्मेदारी भी मानी जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी और सहयोगी दलों ने भी इस कठिन घड़ी में पवार परिवार के साथ खड़े रहने का संदेश दिया है। सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। अगर वे डिप्टी सीएम बनती हैं, तो राज्यसभा की उनकी सीट खाली हो जाएगी।

पार्थ पवार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा

परिवार और पार्टी के बीच संतुलन की कोशिश
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने के बाद अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। हालांकि, इस पर अब तक पार्टी या परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

प्लेन क्रैश और महाराष्ट्र का राजनीतिक शून्य

दरअसल, 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। उनके पास डिप्टी सीएम के साथ-साथ वित्त, आबकारी और खेल जैसे अहम विभाग थे। उनके जाने से सरकार के भीतर एक बड़ा शून्य पैदा हो गया।

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने पास रख सकते हैं और मार्च में वही बजट पेश करेंगे।

दोपहर बैठक, शाम को शपथ आज के घटनाक्रम पर एक नजर

दोपहर 2 बजे: एनसीपी विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की बैठक
बैठक के बाद: सुनेत्रा पवार के नाम का ऐलान संभव
शाम 5 बजे: डिप्टी सीएम पद की शपथ की संभावना
पार्थ पवार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा, लेकिन पुष्टि नहीं
शुक्रवार को दिनभर चला सियासी मंथन।

सुबह 11 बजे: एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे, डिप्टी सीएम और विभागों को लेकर सीएम फडणवीस से वर्षा बंगले में मिले।

शाम 6 बजे: सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के चुनावी रणनीतिकार नरेश अरोड़ा को बारामती बुलाया।
रात 8 बजे: खबर आई कि सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनने को तैयार हो गई हैं, हालांकि उन्हें फिलहाल वित्त विभाग नहीं दिया जाएगा।
रात 8:30 बजे: सीएम फडणवीस ने कहा, “जो भी फैसला लेना है, NCP लेगी। हम पवार परिवार और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।”

NCP विलय को लेकर तेज हुई हलचल

अजित की अधूरी रणनीति, शरद पवार के हाथ में फैसला
अजित पवार के करीबी नेताओं का दावा है कि वे NCP के दोनों गुटों के विलय को लेकर पूरी तरह गंभीर थे।
उनका मानना था कि पहले स्थानीय निकाय चुनाव मिलकर लड़े जाएं, फिर विलय का औपचारिक ऐलान हो।
एनसीपी (SP) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और एकनाथ खड़से भी कह चुके हैं कि विलय लगभग तय हो चुका था। अब इस पर अंतिम फैसला शरद पवार के हाथ में है।

विलय हुआ तो बदलेगा महाराष्ट्र का सियासी गणित

सूत्रों के मुताबिक, अगर दोनों गुटों का विलय होता है तो:
NCP के पास 9 लोकसभा सांसद और 51 विधायक होंगे
पश्चिमी महाराष्ट्र के शुगर बेल्ट में पार्टी की पकड़ फिर मजबूत हो सकती है । महायुति और महाविकास अघाड़ी—दोनों के भीतर सत्ता संतुलन बदल सकता है।

राजनीति के साथ संवेदना की परीक्षा

अजित पवार का जाना केवल एक नेता की विदाई नहीं, बल्कि एक पूरे राजनीतिक अध्याय का अंत है। अब सुनेत्रा पवार के सामने चुनौती है—दुख को ताकत में बदलने की, और उस राजनीतिक विरासत को संभालने की, जिसे अजित पवार अधूरा छोड़ गए।

महाराष्ट्र की जनता अब केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि स्थिरता और संवेदनशील नेतृत्व की उम्मीद कर रही है।

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