मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने का वैधानिक प्रस्ताव को राज्यसभा से देर रात में पारित कर दिया गया है. इस दौरान सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने राज्य की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की खूब आलोचना की. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि जल्द ही दोनों समुदायों की बैठक होगी. मणिपुर हिंसा पर विपक्ष बस राजनीति ही कर रहा है.
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर अमित शाह ने राज्यसभा में पेश किया प्रस्ताव
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में मणिपुर राज्य में राष्ट्रपति शासन के संबंध में प्रस्ताव पेश किया है. गृहमंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 356(1) के तहत 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति द्वारा जारी उद्घोषणा को सदन की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया है.
खड़गे ने मणिपुर हिंसा की जांच की मांग की, सरकार से श्वेत पत्र जारी करने को कहा
राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर हिंसा की जांच की मांग की है. वही साथ ही केंद्र की मोदी सरकार से श्वेत पत्र जारी करने को कहा गया है. खरगे ने इस मुद्दे को बेहद ही गंभीर बताया और कहा कि मणिपुर में हुई हिंसा के कारणों और इससे जुड़े पक्षों का विस्तार से विश्लेषण होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को दोहराया ना जा सके.
मणिपुर हिंसा रोकने में सरकार हुई फेल: मल्लिकार्जुन खड़गे
राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर पर चर्चा के दौरान कहा कि लगभग दो सालों से मणिपुर जल रहा है. केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह से इस विवाद को खत्म करने और हिंसा रोकने में विफल रही है. मणिपुर में अब तक 260 लोगों की मौत हो चुकी है. 60 से ज्यादा लोग दूसरे जगह शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं. अस्पताल, स्कूल, व्यापार और पूजा के स्थल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं. परिवार बिखर गए हैं. लेकिन, मोदी सरकार हिंसा को बस शांति से देख रही है. 4700 से ज्यादा घर जला दिए गए हैं. मई 3 से 30 जुलाई 2023 तक मर्डर, लूट, हिंसा, यौन उत्पीड़न और रेप से जुड़े मामले में 3000 एफआईआर दर्ज किए गए हैं.

मणिपुर के मुद्दे पर अमित शाह ने TMC पर बोला हमला
राज्यसभा में मणिपुर पर भाषण देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है, ‘मणिपुर के मुद्दे पर विपक्ष बस राजनीति कर रहा है. मैं इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता हूं. डेरेक ओ’ब्रायन ने मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मुद्दे को उठाया है. वहां, नस्लीय हिंसा हुई और कई महिलाओं को अत्याचार का सामना करना पड़ा था. लेकिन, पश्चिम बंगाल में ऐसा कुछ भी नहीं था. संदेशखाली में सैकड़ों महिलाओं का शोषण हुआ था. आपके ही पार्टी (टीएमसी) का व्यक्ति दुर्व्यवहार करने में शामिल था, जिसे बाद उसे सस्पेंड करना पड़ा था. वही मणिपुर में 250 से ज्यादा लोगों की मौत को मैं स्वीकार करता हूं. मगर बंगाल में चुनावी हिंसा में ही 250 लोग मार दिए गए थे.’