एवीएन न्यूज डेस्क नई दिल्ली: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) यूनिट में तैनात भारतीय सेना के एक मेजर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। सेना की जांच में पहले पाया गया था कि मेजर ने कई गलतियां की थीं जिसकी वजह से राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) पर भी खतरा पैदा हो गया था।
राष्ट्रपति ने सेना अधिनियम, 1950 की धारा 18, संविधान के अनुच्छेद 310 के साथ और इस संबंध में उन्हें प्रदत्त (Provided) अपनी सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश दिया है कि मेजर की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया जाए। ये आदेश 15 सितंबर को जारी किए गए थे और इस महीने की शुरुआत में स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड यूनिट (Strategic Forces Command Unit) में लागू किए गए थे, जहां मेजर उत्तर भारत में तैनात थे।

मार्च 2022 से ही की जा रही थी मेजर की गतिविधियों की जांच
मेजर की गतिविधियों की जांच मार्च 2022 से ही की जा रही थी जब अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौते से संबंधित मामलों की जांच के लिए अधिकारियों का एक बोर्ड बनाया गया था। स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड ने अधिकारियों के बोर्ड को डिजिटल उपकरणों को जब्त करने और संदिग्ध गतिविधियों/सोशल मीडिया उल्लंघनों/किसी भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं, अनधिकृत लोगों के साथ जानकारी साझा करने/लीक करने में मेजर की संभावित संलिप्तता के बारे में प्रारंभिक जांच करने के लिए अधिकृत किया था। इसके साथ ही संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और जासूसी गतिविधियों में उसकी संभावित भागीदारी (Potential Partnership) की भी जांच की जा रही थी।
बोर्ड को संबंधित सभी पहलुओं की जांच करने का भी काम सौंपा गया था। सूत्रों ने कहा है कि यह पाया गया है कि मेजर ने अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर सीक्रेट दस्तावेजों की एक कॉपी रखी थी जो सेना के नियमों के खिलाफ थी। उन्होंने बताया था कि मेजर सोशल मीडिया चैट के जरिए एक पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव के भी संपर्क में था।
‘पटियाला पेग’ की भी जांच
भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साथ मेजर की दोस्ती की भी जांच की गई है, जिनमें से कुछ ‘पटियाला पेग’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप के मेंबर भी थे। उन्हें इस संबंध में कुछ अधिकारियों के खिलाफ आयोजित कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (Court of Inquiry) में गवाह के रूप में बुलाया गया था। जानकारी के मुताबिक, सेना ने एक ब्रिगेडियर और एक लेफ्टिनेंट कर्नल को सोशल मीडिया नीतियों के उल्लंघन और एक व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य होने के लिए प्रशासनिक/अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जहां आपत्तिजनक सामग्री साझा की जा रही थी।
इंडियन एक्सप्रेस ने जुलाई 2022 में रिपोर्ट दी थी कि सेना अपने चार अधिकारियों की व्हाट्सएप ग्रुप ‘पटियाला पेग’ का सदस्य होने के कारण जांच कर रही है। जांच पेंडिंग रहने तक तीन अधिकारियों को सस्पेंड (निलंबित करना) कर दिया गया था। यह संदेह था कि व्हाट्सएप ग्रुप ‘पटियाला पेग’ जिसके ये अधिकारी सदस्य भी थे उसमें पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (Pakistan Intelligence Operative) के सदस्य भी थे। यह पता लगाने के लिए एक जांच की गई थी कि क्या कोई गुप्त सैन्य जानकारी किसी के द्वारा साझा की गई थी या नही।
