पेनकिलर ही नहीं, एसिडिटी की ये दवाएं भी कर सकती हैं आपकी किडनी खराब..
Kidney safety tips in hindi: आजकल पेट की जलन, गैस, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याओं के लिए लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेना आम बात समझने लगे हैं। अक्सर यह माना जाता है कि किडनी को नुकसान सिर्फ पेनकिलर (दर्द निवारक दवाएं) से होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि “एसिडिटी की कुछ दवाएं भी लंबे समय तक लेने पर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं”।

एसिडिटी की आम दवाएं कौन-सी हैं?
एसिडिटी और पेट से जुड़ी समस्याओं में आमतौर पर ये दवाएं ली जाती हैं:
- प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI)
- ओमेप्राजोल
- पैंटोप्राजोल
- लैंसोप्राजोल
- एसोमेप्राजोल
- एंटासिड (Antacids)
- एल्यूमिनियम या मैग्नीशियम युक्त दवाएं
- H2 ब्लॉकर
- रैनिटिडीन
- फेमोटिडीन
इनमें से “PPI दवाएं सबसे ज्यादा जोखिम वाली मानी जाती हैं”, खासकर जब इन्हें महीनों या वर्षों तक लगातार लिया जाए।
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एसिडिटी की दवाएं किडनी को कैसे नुकसान पहुंचाती हैं?
- एक्यूट इंटरस्टिशियल नेफ्राइटिस (AIN)
PPI दवाएं किडनी में सूजन पैदा कर सकती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में “एक्यूट इंटरस्टिशियल नेफ्राइटिस” कहा जाता है। यह स्थिति अचानक किडनी फेल होने का कारण बन सकती है।
- क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)
लंबे समय तक बिना जरूरत PPI लेने से धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम हो सकती है, जिससे व्यक्ति को क्रॉनिक किडनी डिजीज हो सकती है।
- मैग्नीशियम की कमी
PPI दवाएं शरीर में मैग्नीशियम के अवशोषण को कम कर देती हैं। मैग्नीशियम की कमी से किडनी और हृदय दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।
- टॉक्सिन्स का जमाव
कुछ एंटासिड में मौजूद एल्यूमिनियम कमजोर किडनी वालों में शरीर में जमा होकर विषैला प्रभाव डाल सकता है।

किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण
अगर आप लंबे समय से एसिडिटी की दवाएं ले रहे हैं और ये लक्षण दिखें, तो सतर्क हो जाएं:
- बार-बार थकान महसूस होना
- पेशाब की मात्रा में बदलाव
- पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन
- भूख कम लगना
- जी मिचलाना
- ब्लड प्रेशर का बढ़ना
किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
- बुजुर्ग लोग
- पहले से किडनी रोग से पीड़ित व्यक्ति
- डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
- जो लोग बिना डॉक्टर की सलाह लंबे समय तक दवाएं लेते हैं

एसिडिटी से बचने के सुरक्षित उपाय
जीवनशैली में बदलाव
- तला-भुना और मसालेदार खाना कम करें
- देर रात भोजन से बचें
- धूम्रपान और शराब छोड़ें
- वजन नियंत्रित रखें
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दवाओं का सही इस्तेमाल
- एसिडिटी की दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें
- लंबे समय तक PPI लेने से बचें
- जरूरत पड़ने पर दवा की खुराक और अवधि डॉक्टर से तय कराएं
कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?
- अगर एसिडिटी की दवा लेते समय किडनी से जुड़े लक्षण दिखें
- अगर पहले से किडनी की बीमारी है और एसिडिटी की समस्या हो
- अगर दवा बंद करने के बाद भी राहत न मिले
निष्कर्ष
यह सही है कि पेनकिलर किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन “एसिडिटी की दवाओं को भी हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है”। बिना जरूरत और लंबे समय तक इनका सेवन किडनी को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए खुद से दवा लेने की बजाय डॉक्टर की सलाह लें और अपनी किडनी को सुरक्षित रखें।
याद रखें: थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी बीमारी से बचा सकती है।
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Note :-
सुझाव:- यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है. अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं या आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें.
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By: KP
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