एयर पॉल्यूशन (वायु प्रदूषण) के कारण बच्चों को हो रही खतरनाक बीमारियाँ, एयर पॉल्यूशन से बच्चों को कैसे बचाएं…
Air Pollutions diseases in Children : जैसा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है, वायु प्रदूषण एक बहुत बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा है और इससे सालाना लाखों मौतें होती हैं। यह बच्चों का स्वास्थ्य, विकास और इम्यून सिस्टम विशेष रूप से प्रभावित करता है।
वायु प्रदूषण यानी हवा में हानिकारक पदार्थों (PM2.5, PM10, NO₂, SO₂, CO आदि) का उच्च स्तर आज दुनियाभर की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। खासकर बच्चों पर इसका प्रभाव बहुत गंभीर होता है क्योंकि उनका शरीर और अंग अभी विकसित हो रहे होते हैं।
बच्चों पर वायु प्रदूषण का प्रभाव क्यों ज्यादा होता है?
- बच्चों की साँस लेने की दर अधिक होती है, जिससे वे शरीर में अधिक प्रदूषक लेते हैं।
- वे जमीन के पास रहते हैं, जहाँ कुछ प्रदूषकों का स्तर अधिक होता है।
- उनके शरीर का इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) विकासशील होता है, इसलिए वे संक्रमणों के लिए अधिक संवेदनशील हैं।
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1. फेफड़ों और सांस की गंभीर बीमारियाँ
अस्थमा (Asthma)
एयर पॉल्यूशन फेफड़ों में सूजन और साँस के मार्ग को संकुचित कर सकता है, जिससे अस्थमा के लक्षण जैसे खाँसी, साँस की तंगी, सीटी जैसा आवाज़ उत्पन्न हो सकते हैं।
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और निमोनिया
बच्चों में प्रदूषित हवा के कारण फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचता है, जिससे लगातार खांसी और संक्रमण की समस्या बढ़ती है।
कम फेफड़ों का विकास
लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने पर बच्चों के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते — जिससे उनकी साँस लेने की क्षमता कम हो जाती है।
2. मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव
वायु प्रदूषण (एयर पॉल्यूशन) के छोटे कण (PM2.5) रक्त–मस्तिष्क बाउंड्री पार कर सकते हैं, जिससे बच्चों के मस्तिष्क में सूजन और विकास संबंधी समस्या हो सकती है।
याददाश्त और ध्यान में कमी
बार-बार प्रदूषण के संपर्क में रहने से बच्चों में ध्यान कम होना, पढ़ाई में कठिनाई और याददाश्त में गिरावट आ सकती है।
बेचैनी और व्यवहार संबंधी समस्या
कुछ शोधों में पाया गया है कि प्रदूषण उच्च स्तर पर रहने से बच्चों में चिड़चिड़ापन, चिंता, हाइपरएक्टिविटी (ADHD) जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
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3. हृदय और रक्त वाहिकाओं पर प्रभाव
हृदय संबंधी जोखिम
लंबे समय तक वायु प्रदूषण (एयर पॉल्यूशन) के संपर्क में रहने से बच्चों में रक्तचाप में वृद्धि, हृदय की मांसपेशियों पर दबाव और रक्त वाहिकाओं की सूजन जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं।
यह प्रभाव शायद तुरंत स्पष्ट न हो, लेकिन धीरे-धीरे रोगों का जोखिम बढ़ता है और वयस्क अवस्था में यह गंभीर समस्या बन सकता है।
4. जन्मपूर्व और जन्म के बाद स्वास्थ्य समस्याएँ
- यदि गर्भवती माँ प्रदूषित हवा में रहती हैं, तो पूर्व समय से जन्म (pre-term birth) और कम वजन का बच्चा जन्म लेने का खतरा बढ़ जाता है।
- ऐसे बच्चे आगे चलकर स्वस्थ्य जीवन में लंबी अवधि की प्रॉब्लम्स जैसे साँस की बीमारी और कमजोर प्रतिरक्षा से प्रभावित हो सकते हैं।
5. कमजोर इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) और संक्रमण
बच्चों का प्रतिरक्षा तंत्र प्रदूषक के कारण कमजोर हो जाता है, जिससे वे जुकाम, वायरल संक्रमण, एलर्जी, संक्रमण के बढ़े जोखिम से जूझते हैं।
वैश्विक स्थिति
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लगभग 93% बच्चे प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, जो उनके स्वास्थ्य और विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
- वायु प्रदूषण (एयर पॉल्यूशन) बच्चों में निम्न श्वसन संक्रमणों और अन्य गंभीर रोगों की प्रमुख वजह है।

वायु प्रदूषण (एयर पॉल्यूशन) से बच्चों को कैसे बचाएं
1. बाहर निकलने को सीमित करें
जब AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) अधिक खराब हो (विशेषकर “गंभीर” या 300+), तो बच्चों को घर के अंदर रखना सबसे सुरक्षित है।
2. सही मास्क का उपयोग
बाहर जाने पर एन95/एन99 मास्क पहनाना उपयोगी है (विशेषकर बच्चों की उम्र 2 साल से ऊपर हो)। यह छोटे कणों को फिल्टर करने में मदद करता है।
3. इनडोर हवा को सुरक्षित बनाएं
- एयर प्यूरीफायर (HEPA फिल्टर वाले) का इस्तेमाल करें।
- घर के खिड़कियाँ उच्च प्रदूषण के दौरान बंद रखें।
- नियमित रूप से धूल हटाने, वेट मॉपिंग और HEPA फिल्टर वाली वैक्यूमिंग करें।
4. स्वस्थ भोजन व पोषण
बच्चों को एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर फल-सब्जियाँ (जैसे गाजर, संतरा, पालक), पर्याप्त पानी और संतुलित आहार दें। यह उनके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
5. हाइड्रेशन और स्वच्छता
अच्छी तरह पानी पिलाना जरूरी है, ताकि फेफड़ों की नमी बनी रहे और प्रदूषण से होने वाली जलन कम हो।
6. बाहर गतिविधियों का समय चुनें
प्रदूषण कम होने वाले समय (जैसे दोपहर बाद) को चुनें और भीड़-भाड़ और ट्रैफिक वाली जगहों से दूर रहें।
7. हरी-भरी जगहों को तरजीह दें
जहाँ संभव हो, बच्चों के खेलने के लिए पेड़ों और हरियाली वाले क्षेत्र चुनें। पौधे वातावरण में स्वाभाविक रूप से कुछ प्रदूषकों को कम करते हैं।
8. घर के अंदर सुरक्षित एक्टिविटी
बाहर जाने के बजाय इनडोर खेल, पढ़ाई, योग और हल्की एक्सरसाइज कराएँ ताकि उनकी ऊर्जा और स्वास्थ्य बेहतर रहे।
माता-पिता के लिए विशेष सुझाव
- 2 साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क लगाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- प्रदूषण के दौरान खिड़की-दरवाज़े बंद रखें, लेकिन घर को पूरी तरह अप्रश्वासित न होने दें।
- बच्चों को प्रदूषण के बारे में सरल शब्दों में समझाएँ ताकि वे पूरी सावधानी के साथ व्यवहार करें।
निष्कर्ष
वायु प्रदूषण (एयर पॉल्यूशन) बच्चों की सेहत के लिए एक गंभीर खतरा है, खासकर उनकी साँस, फेफड़े, मस्तिष्क और प्रतिरक्षा प्रणाली पर। हालांकि हम वायु प्रदूषण को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकते, लेकिन घर और बाहर दोनों जगह सुरक्षा-उपाय अपनाकर बच्चों को इसके दुष्प्रभाव से काफी बचाया जा सकता है। नियमित मास्क, घर में एयर प्यूरीफायर, पौष्टिक भोजन और AQI के अनुसार व्यवहार करना इसके सबसे महत्वपूर्ण उपाय हैं।
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Note :-
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By: KP
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