देश में 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा ऐलान कर दिया है। असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इन चुनावों में करीब 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 824 विधानसभा सीटों के लिए लगभग 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 25 लाख मतदान अधिकारी तैनात रहेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की है।
किस राज्य में कब होगा मतदान और कब आएंगे चुनावों के नतीजे

असम विधानसभा चुनाव: 9 अप्रैल को होगा मतदान
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव एक ही चरण में कराए जाएंगे। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होगा। वोटिंग के बाद 4 मई को मतगणना की जाएगी।
इस चुनाव में लाखों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर नई सरकार चुनेंगे।
केरल विधानसभा चुनाव: एक ही चरण में वोटिंग
केरल में भी विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होंगे। राज्य की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा।
मतदान के बाद 4 मई को मतों की गिनती होगी और उसी दिन यह तय हो जाएगा कि राज्य में किस दल की सरकार बनेगी।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: 23 अप्रैल को मतदान
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को कराए जाएंगे। पूरे राज्य में एक ही दिन मतदान होगा। वोटिंग के बाद 4 मई को मतगणना होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
पुदुचेरी विधानसभा चुनाव: 9 अप्रैल को वोटिंग
केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा। यहां भी चुनाव एक ही चरण में संपन्न होंगे।
मतदान के बाद 4 मई को मतों की गिनती होगी और अगली सरकार का फैसला होगा।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगा मतदान यानी चुनाव
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे।
पहला चरण: 23 अप्रैल
दूसरा चरण: 29 अप्रैल
दोनों चरणों की वोटिंग के बाद 4 मई को मतगणना होगी।
किस राज्य में कितनी विधानसभा सीटें
| राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | कुल विधानसभा सीटें |
|---|---|
| पश्चिम बंगाल | 294 |
| असम | 126 |
| तमिलनाडु | 234 |
| केरल | 140 |
| पुदुचेरी | 30 |
2026 के चुनाव में क्या है नया
- इस बार चुनाव आयोग ने कई नई सुविधाएं और व्यवस्थाएं लागू की हैं।
- मतदान केंद्रों में मोबाइल जमा करने की सुविधा
- ईवीएम (EVM) बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और बड़े फॉन्ट में नाम
- प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता
- मतदान केंद्र से 100 मीटर बाहर उम्मीदवारों के बूथ की अनुमति
- बेहतर और स्पष्ट मतदाता सूचना पर्ची
- सभी सेवाओं के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म
- सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग
- हर दो घंटे में ECINET पर मतदान प्रतिशत का डेटा अपलोड
चुनावी राज्यों के अनोखे पोलिंग स्टेशन
असम
असम के माजुली क्षेत्र में मतदान दल को नाव (फेरी) और सड़क मार्ग से 50-60 किलोमीटर की कठिन यात्रा करनी पड़ती है। ब्रह्मपुत्र नदी पार कर वे ट्रैक्टर से 248 मतदाताओं वाले धानेखाना मतदान केंद्र तक पहुंचते हैं।
केरल
केरल के इदुक्की जिले के आदिवासी क्षेत्र में स्थित इडामलाकुडी बूथ नंबर 34 एक दूरस्थ मतदान केंद्र है। यहां पहुंचने के लिए अधिकारियों को 30 किलोमीटर ऑफ-रोड यात्रा और 8 किलोमीटर पैदल ट्रेकिंग करनी पड़ती है।
पश्चिम बंगाल
अलीपुरद्वार जिले में मतदान दल बक्सा टाइगर रिजर्व की पहाड़ियों से पैदल यात्रा कर बक्सा (759 मतदाता), चूनाभट्टी (235 मतदाता) और अदमा (445 मतदाता) के मतदान केंद्रों तक पहुंचते हैं।
तमिलनाडु
थेनी जिले की वरुसनाडु पहाड़ियों में स्थित वेल्लीमलई मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए अधिकारियों को करीब तीन घंटे की कठिन यात्रा करनी पड़ती है। यह केंद्र सिर्फ पांच मतदाताओं के लिए बनाया गया है।
पुदुचेरी
1885 में बना वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई स्कूल इस बार एक मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाया गया है। यहां 722 और 651 मतदाताओं वाले दो मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
