मर्चेंट नेवी में कैसे जाएं? पूरी जानकारी – (योग्यता, कोर्स, चयन प्रक्रिया और सैलरी)
Marchant Navy : समंदर सिर्फ़ घूमने की जगह नहीं, बल्कि दुनिया के कारोबार व अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी माना जाता है. इसी के रास्ते दुनिया के कई देशों का ज़्यादातर कारोबार होता है.
भारत में ही 12 बड़े और दो सौ छोटे बंदरगाह हैं, जहां से हर रोज़ लाखों-करोड़ों रुपये का कारोबार होता है. और इसी सेक्टर की एक ऐसी नौकरी है, जो कई नौजवानों को अपनी तरफ़ खींचती है- मर्चेंट नेवी.
दुनिया भर में जितने भी मर्चेंट मरीनर्स हैं, उनमें से सात फ़ीसदी भारतीय हैं. मर्चेंट नेवी एक ऐसा करियर विकल्प है जिसमें आप समुद्री जहाजों पर काम करते हुए देश-विदेश की यात्रा कर सकते हैं और अच्छी कमाई भी कर सकते हैं। अगर आपको समुद्र, तकनीक और एडवेंचर पसंद है, तो मर्चेंट नेवी आपके लिए एक बेहतरीन करियर हो सकता है। इस लेख में हम मर्चेंट नेवी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आसान हिंदी में समझेंगे।

मर्चेंट नेवी क्या है?
मर्चेंट नेवी वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) से जुड़ी होती है, जो सामान, तेल, गैस, कार्गो और यात्रियों को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाते हैं। इसमें काम करने वाले लोग समुद्र में जहाज चलाने, इंजन संभालने और तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी निभाते हैं।
मर्चेंट नेवी में करियर के विकल्प
मर्चेंट नेवी में मुख्य रूप से तीन विभाग होते हैं:
1. डेक डिपार्टमेंट (Deck Department)
- नेविगेशन (जहाज चलाना)
- कार्गो हैंडलिंग
- सुरक्षा और प्रबंधन
पद: डेक कैडेट, थर्ड ऑफिसर, सेकंड ऑफिसर, चीफ ऑफिसर, कैप्टन
2. इंजन डिपार्टमेंट (Engine Department)
- जहाज के इंजन और मशीनरी का रखरखाव
पद: इंजन कैडेट, फोर्थ इंजीनियर, थर्ड इंजीनियर, सेकंड इंजीनियर, चीफ इंजीनियर
3. सैलून डिपार्टमेंट (Saloon Department)
- खाना, हाउसकीपिंग और यात्रियों की सेवा
पद: कुक, स्टीवर्ड (अधिकतर क्रूज़ शिप में)
मर्चेंट नेवी में जाने के लिए योग्यता (Eligibility)
शैक्षणिक योग्यता
- डेक/इंजन डिपार्टमेंट:
- 12वीं पास (Physics, Chemistry, Mathematics – PCM)
- न्यूनतम 60% अंक (संस्थान पर निर्भर करता है)
- सैलून डिपार्टमेंट:
- 10वीं या 12वीं पास (कुछ कोर्स में होटल मैनेजमेंट उपयोगी)
आयु सीमा
- आमतौर पर 17 से 25 वर्ष (कुछ कोर्स में अलग हो सकती है)
मेडिकल फिटनेस
- आंखों की रोशनी ठीक होनी चाहिए (कलर ब्लाइंडनेस नहीं)
- शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना जरूरी
मर्चेंट नेवी के लिए कोर्स
डेक डिपार्टमेंट के कोर्स
- DNS (Diploma in Nautical Science) – 1 वर्ष
- B.Sc. Nautical Science – 3 वर्ष
- GP Rating – 6 महीने
इंजन डिपार्टमेंट के कोर्स
- Marine Engineering (B.Tech) – 4 वर्ष
- GME (Graduate Marine Engineering) – 1 वर्ष
- ETO (Electro Technical Officer) – इलेक्ट्रिकल बैकग्राउंड वालों के लिए
- GP Rating – 6 महीने
नोट: कोर्स हमेशा DG Shipping (भारत सरकार) से मान्यता प्राप्त संस्थान से ही करें।
प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)
- मान्यता प्राप्त संस्थान में आवेदन
- प्रवेश परीक्षा (कुछ कोर्स के लिए)
- इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट
- कोर्स पूरा करने के बाद शिपिंग कंपनी में प्लेसमेंट या ट्रेनीशिप
मर्चेंट नेवी में सैलरी कितनी होती है?
शुरुआती सैलरी (प्रति माह अनुमानित)
- डेक कैडेट: ₹25,000 – ₹60,000
- इंजन कैडेट: ₹30,000 – ₹70,000
- GP Rating: ₹18,000 – ₹40,000
अनुभव के साथ सैलरी
- थर्ड/सेकंड ऑफिसर: ₹2 – ₹4 लाख
- चीफ ऑफिसर: ₹4 – ₹6 लाख
- कैप्टन / चीफ इंजीनियर: ₹6 – ₹10 लाख या उससे अधिक
सैलरी जहाज के प्रकार (Oil Tanker, LNG, Container Ship), कंपनी और अनुभव पर निर्भर करती है।
मर्चेंट नेवी के फायदे
- बहुत अच्छी सैलरी
- टैक्स में छूट (कुछ शर्तों के साथ)
- फ्री ट्रैवल और रहने-खाने की सुविधा
- अंतरराष्ट्रीय अनुभव
मर्चेंट नेवी की चुनौतियां
- लंबे समय तक घर से दूर रहना
- कठिन मौसम और समुद्री परिस्थितियां
- अनुशासित और जिम्मेदार जीवनशैली
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कहां से करें पढ़ाई?
ऐसा नहीं है कि भारत के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में मरीन कोर्स पढ़ाए जाते हैं. बल्कि इसके लिए कुछ ख़ास संस्थान हैं, जो इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी (आईएमयू) के अंतर्गत आते हैं या फिर जिन्हें डीजी शिपिंग से मान्यता मिली होती है.
भारत में क़रीब 200 मैरीटाइम इंस्टीट्यूट हैं.
आईएमयू एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जिसका हेडक्वॉर्टर कोलकाता में है और इसके अलावा चेन्नई, मुंबई, विशाखापट्टनम और कोच्चि में इसके कैंपस हैं.
यहां बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग, बी.एससी इन नॉटिकल साइंस, जीएमई डिप्लोमा, ईटीओ कोर्स, मैरीटाइम मैनेजमेंट के पीजी कोर्स कर सकते हैं.
इसके साथ ही चेन्नई के एकेडमी ऑफ़ मैरीटाइम एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एएमईटी) और टोलानी मैरीटाइम इंस्टीट्यूट (टीएमआई) पुणे से भी मरीन कोर्स किए जा सकते हैं.
हालांकि, अगर किसी को जीपी रेटिंग, सपोर्ट क्रू या प्री-सी ट्रेनिंग जैसे कोर्स की ओर जाना है तो फिर इसके लिए भी कुछ बेहतर संस्थान हैं. जैसे:
- एंग्लो ईस्टर्न मैरीटाइम एकेडमी (कोच्चि)
- साउथ इंडिया मैरीटाइम एकेडमी (चेन्नई)
- लॉयोला इंस्टीट्यूट ऑफ़ मरीन इंजीनियरिंग एंड ट्रेनिंग स्टडीज़ (चेन्नई)
- इंटरनेशनल मैरीटाइम इंस्टीट्यूट (नोएडा)
- साइंटिफ़िक मरीन एंड इंजीनियरिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (कोलकाता)
फ़ीस की बात करें तो आईएमयू के कैंपस में बीटेक मरीन इंजीनियरिंग और बीएससी नॉटिकल साइंस की सालाना फ़ीस क़रीब सवा दो से ढाई लाख के आसपास है. ये मान्यता प्राप्त प्राइवेट इंस्टीट्यूट में अलग-अलग भी हो सकती है.
निष्कर्ष
मर्चेंट नेवी उन युवाओं के लिए शानदार करियर विकल्प है जो मेहनती हैं, अनुशासन पसंद करते हैं और दुनिया घूमना चाहते हैं। सही योग्यता, मान्यता प्राप्त कोर्स और सही मार्गदर्शन से आप मर्चेंट नेवी में एक सफल और सम्मानजनक करियर बना सकते हैं।
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Note:
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