दिल्ली भारत की राजधानी दिल्ली भारत की राजधानी है और उत्तर भारत में यमुना नदी के किनारे स्थित है । इसका स्थापना का श्रेय तुरुष्क राजा अनंतनेगी ने 6वीं सदी ईसा पूर्व की थी । दिल्ली का इतिहास लगभग 2,500 वर्ष पुराना है और यह विभिन्न सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक परंपराओं का निकट सम्बन्ध रखता है । दिल्ली को शासन के लिए कई सम्राटों ने चुना है । इसके कुछ प्रमुख शासकों में प्रिथ्वीराज चौहान, शेरशाह सूरी, मुग़ल सम्राट शाहजहाँ, और अकबर शामिल हैं । दिल्ली ने इतिहास में विभिन्न समयों में विभिन्न शासकों के शासनकाल में विभिन्न नामों से पुकारा गया है, जैसे की कुँवरपति, इंद्रप्रस्थ, दिल्लीपति, और शाहजहाँबाद । दिल्ली भारतीय उपमहाद्वीप में स्थित है और एक समृद्ध और व्यस्त शहर है । यह व्यापार, शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक एवं आर्थिक केंद्र है । यहां विश्वविद्यालय, विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र, सरकारी भवन, आंतरराष्ट्रीय दूतावास, विशाल बाजारें, और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान हैं ।

दिल्ली बहुत सी ऐतिहासिक इमारतें हैं? जैसे :

दिल्ली में राष्ट्रीय संसद भवन, भारत की संसद पार्लियामेंट( जिसे संसद या भारतीय संसद के नाम से भी जाना जाता है), भारत का सर्वोच्च विधायी अथॉरिटी है । भारत की संसद, राष्ट्रपति के साथ दो सदन – लोक सभा( हाउस ऑफ पीपल) और राज्य सभा( राज्यों की परिषद) में विभाजित होती है । भारत के राष्ट्रपति के पास, संसद के सदन को बुलाने या लोकसभा को भंग करने की शक्ति है । कोई विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के बाद ही एक अधिनियम बनता है । भारतीय संसद भवन को 1912- 1913 में ब्रिटिश आर्किटेक्ट( वास्तुकार) सर एडविन लुटियन और सर हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था । इसे 1927 में सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली, काउंसिल ऑफ स्टेट्स और चैंबर ऑफ प्रिंसेस के लिए खोला गया था ।

इंडिया गेट, इंडिया गेट का निर्माण ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रथम विश्व युद्ध 1914- 1918 और 1919 में तीसरे एंग्लो- अफ़ग़ान युद्ध में शहीद हुए 80,000 से अधिक भारतीय सैनिक को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया था । इसकी आधारशिला 10 फरवरी 1921 को ड्यूक ऑफ कनॉट द्वारा रखी गई थी। यह परियोजना 10 वर्षों में पूरी हुई और 12 फरवरी 1931 को वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा इंडिया गेट का उद्घाटन किया गया।

कुतुब मीनार कुतुब मीनार दुनिया की सबसे ऊंची ईंटों से बनी मीनार है, जो भारत के महरौली, दिल्ली में बनी है। दिल्ली को भारत का दिल कहा जाता है, यहां कई प्राचीन इमारतें और विरासत स्थल स्थित हैं। इन्हीं पुरानी और खास इमारतों में से एक दिल्ली में स्थित है, जिसका नाम कुतुब मीनार है, जो भारत और दुनिया की सबसे ऊंची मीनार है। यह इमारत हिंदू-मुगल इतिहास का बेहद खास हिस्सा है। कुतुब मीनार को यूनेस्को द्वारा भारत के सबसे पुराने विश्व धरोहर स्थलों की सूची में भी शामिल किया गया है।

लाल क़िला, लाल किले को पांचवें मुगल बादशाह शाहजहाँ द्वारा 1639 में अपनी राजधानी शाहजहानाबाद के महल के रूप में बनाया था । इसका नाम लाल किला इसकी लाल बलुआ पत्थर की विशाल दीवारों के कारण इसका नाम लाल किला रखा गया है। यह किला 1546 ई. में इस्लाम शाह सूरी द्वारा निर्मित पुराने सलीमगढ़ किले के बहुत करीब है। किले के शाही हिस्से में मंडपों की एक पंक्ति है जिसे स्ट्रीम ऑफ़ पैराडाइज़ (नहर-ए-बिहिश्त) के नाम से जाना जाता है। किला परिसर वह हिस्सा है जो शाहजहाँ और मुगल रचनात्मकता के क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है। और यहां राष्ट्रीय संग्रहालय जैसे ऐतिहासिक स्थल हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।दिल्ली की विविधता, समृद्धि और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह भारतीय परिवारों के लिए एक आकर्षक स्थान है जो देश की भावना और संस्कृति को अद्भुत रूप से प्रतिष्ठित करता है ।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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