NEET UG Result 2024: नीट यूजी रिजल्ट पर बवाल मचा है. वहीं कई अभ्यर्थी फिर से परीक्षा कराने की भी मांग कर रहे हैं. रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप भी एनटीए पर लग रहे हैं. हालांकि इस मामले पर NTA ने अपनी सफाई भी दी है. इस बार नीट में कुल 67 अभ्यर्थियों ने 100 फीसदी नंबर प्राप्त किए हैं. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और बवाल क्यों मचा है.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 4 जून को नीट यूजी 2024 परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया. वही परीक्षा में 67 कैंडिडेट्स ने 100 फीसदी नंबर प्राप्त किए हैं. और वहीं इनमें से 6 कैंडिडेट फरीदाबाद के एक ही परीक्षा केंद्र से हैं. वही यह पहली बार है, जब नीट परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में टाॅपर बने हैं. अब ऐसे में एनटीए पर नीट परीक्षा में शामिल हुए कैंडिडेट कई सवाल खड़े कर रहे हैं. वहीं अभिभावकों ने भी रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप एनटीए पर लगाया है. यह पूरा मामला एटम्स का वो सवाल है, जो परीक्षा में पूछा गया था.

नीट यूजी (NEET UG ) परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से 5 मई को देश भर में निर्धारित केंद्रों पर किया गया था. एनटीए ने 29 मई को प्रोविजनल आंशर-की जारी की थी और इस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थियों को 31 मई तक का समय दिया गया था.

नीट

नीट यूजी किस सवाल पर मचा है बवाल?

वही इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार नीट परीक्षा में फिजिक्स सेक्शन में एटम्स पर आधारित एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछा गया था, और जिसके दो स्टेटमेंट दिए गए थे. वही पहला स्टेटमेंट यह था कि एटम्स विद्युत रूप से न्यूट्रल होते हैं क्योंकि उनमें पॉजिटिव और निगेटिव चार्ज बराबर संख्या में होते हैं. और वहीं दूसरे स्टेटमेंट में यह दिया गया था कि प्रत्येक एलिमेंट के एटम स्थिर होते हैं और अपने विशिष्ट स्पेक्ट्रम का उत्सर्जन करते हैं. वही इस प्रश्न के चार ऑप्शन भी दिए गए थे.

1. पहला सही है लेकिन दूसरा गलत है.
2. पहला गलत है लेकिन दूसरा सही है.
3. पहला और दूसरा दोनों सही है.
4. दोनों गलत है.

वही सही जवाब विकल्प 1 है क्योंकि रेडियोधर्मी तत्वों के परमाणु स्थिर नहीं होते हैं. और जब एनटीए ने प्रोविजनल आंसर-की जारी की, तो पहले विकल्प को ही सही बताया है. और उसके बाद तीसरे विकल्प के लिए 10 हजार से अधिक कैंडिडेट्स ने एनसीआरईटी 12वीं पुरानी किताब का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी. वही अभ्यर्थियों का कहना है कि पुरानी किताब के अनुसार विकल्प 3 ही सही है. वहीं नई किताब के अनुसार पहला विकल्प ही सही है.

NTA ने किसे माना सही?

इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के अनुसार एनटीए के एक अधिकारी ने कहा कि हमने उन सभी कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दी है, जिन्होंने इस प्रश्न के जवाब में तीसरे विकल्प का चयन किया था. एजेंसी ने उन सभी अभ्यर्थियों को 5 नंबर ग्रेस मार्क्स दिए, जिन्होंने तीसरा विकल्प चुना. वही इस वजह से कुल 44 छात्रों के अंक 715 से बढ़कर 720 हो गए, और जिससे टॉपर्स की संख्या बढ़ गई है.

वहीं एनटीए अधिकारी ने यह भी कहा कि देश में सदियों से बड़े भाई-बहन अपनी किताबें अपने छोटे भाई-बहनों को देते आ रहे हैं और इसमें कोई बुराई नहीं है. हम सभी ने ऐसा किया है. NTA छात्रों से विशेष रूप से नई किताबें खरीदने के लिए नहीं कहता है. इसलिए हम एक बैठक करेंगे और ऐसी स्थिति के लिए उचित प्रोटोकॉल बनाएंगे.

कई कैंडिडेट्स को दिए गए ग्रेस मार्क्स

वहीं इस बार नीट यूजी परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स भी दिए गए. वही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार एग्जाम के दौरान कुछ केंद्रों पर 10 से 20 मिनट की देरी से प्रश्न पत्र वितरित किया गया था. और जिस कारण समय के अभाव में कई अभ्यर्थियों के सवाल छूट गए थे. वही इस संबंध में एनटीए को कई शिकायत भी प्राप्त हुई थी, जिस कारण भी कई अभ्यर्थियों के नंबरों में बढ़ोतरी हुई है.

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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