एवीएन न्यूज रूम: पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने कथित राशन घोटाले मामले में गिरफ्तार कर लिया है. ज्योतिप्रिय मलिक बंगाल की ममता बनर्जी सरकार में वन मंत्री हैं. इससे पहले गुरुवार तड़के ( Early Morning) ही ईडी ने उनके आवास पर छापेमारी की थी. यह छापेमारी कथित राशन घोटाले से जुड़ी हुई है जिसकी जांच ईडी कर रही है.

ज्योतिप्रिय मलिक वन मंत्री बनने से पहले खाद्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे.

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के मंत्रियों पर पहले भी कई बार छापेमारी होती रही हैं. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस कथित घोटाले में चावल मिल मालिक बकीबुर रहमान को गिरफ्तार किया था. 2004 में एक चावल मिल मालिक के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले रहमान ने अगले दो वर्षों में तीन और कंपनियां खड़ी कर लीं. प्रवर्तन निदेशालय अधिकारियों के अनुसार, रहमान ने कथित तौर पर शेल कंपनियों की श्रृंखला खोली और पैसे निकाले हैं.

उन्होंने इस गिरफ्तारी पर कहा है कि मैं गहरी साजिश का शिकार हो गया हूं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ममता सरकार में मंत्री मलिक के कम से कम 12 ठिकानों पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED ) ने छापेमारी की थी. ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) कथित तौर पर करोड़ों रुपये के राशन घोटाले की जांच कर रही है.

कुछ दिन पहले ही हुई है बकीबुर रहमान की गिरफ्तारी

ईडी के सूत्रों के अनुसार, रहमान ने खाद्य विभाग में पहले अपनी जड़ें जमाईं और राशन विभाग में अपने रैकेट के जरिए, जनता के लिए आवंटित खाद्यान्न को अवैध रूप से बेचकर पैसे की हेराफेरी की. ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने कहा है कि रहमान के पास कोलकाता और बेंगलुरु में होटल और बार हैं और उन्होंने विदेशी कीमती और लग्ज़री कारें खरीदी हैं. उन्हें कुछ दिन पहले ही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने गिरफ्तार किया था.

ईडी सूत्रों के मुताबिक, जिस समय बकीबुर रहमान कथित तौर पर घोटाले में शामिल थे, उस दौरान ज्योतिप्रिय मलिक खाद्य मंत्री थे. ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) पहले ही नौकरी घोटाले में मौजूदा खाद्य मंत्री रथिन घोष से पूछताछ कर चुकी है.

सीएम ममता बैनर्जी ने पूछा- सरकार भाजपा नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं करती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार 26 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। छापेमारी पर ममता बनर्जी ने कहा है कि बीजेपी गंदा राजनीतिक खेल खेल रही है। चुनाव से पहले देशभर में विपक्षी नेताओं पर ED (प्रवर्तन निदेशालय) छापामार कार्रवाई क्या दर्शाती है?

ममता बनर्जी ने बीजेपी से सवाल पूछा है- कि क्या किसी भाजपा (BJP) नेता के घर भी ED की छापेमारी हुई है? ममता ने कहा कि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) कहती है कि वह सबका साथ, सबका विकास चाहती है। लेकिन हकीकत में इसका मतलब सबका साथ, सबका सत्यनाश है। ED जांच और छापेमारी के नाम पर लोगों पर अत्याचार कर रही है। अंग्रेजों की तरह भाजपा (बीजेपी) उन सभी पर अत्याचार कर रही है, जो उसके खिलाफ हैं।

ममता बनर्जी ने कहा, ‘ज्योतिप्रिया मलिक बीमार हैं। अगर ED की छापेमारी के दौरान उन्हें कुछ हुआ तो मैं भाजपा (बीजेपी) और ED के खिलाफ FIR दर्ज कराऊंगी।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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