जमुई। जमुई जिले के सदर अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। एक ओर जहां नवजात बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में इलाज किया जाता है, वहीं दूसरी ओर ठीक सटे भवन में शवों का पोस्टमार्टम किए जाने से संक्रमण और दुर्गंध का खतरा लगातार बना हुआ है। इस स्थिति को लेकर मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

नवजात बच्चों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में प्रतिदिन दर्जनों नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है। यहां समय से पहले जन्म लेने वाले, कमजोर और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को विशेष निगरानी में रखा जाता है। लेकिन पोस्टमार्टम हाउस की नजदीकी के कारण उठने वाली दुर्गंध और संक्रमण के खतरे ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।

परिजनों का कहना है कि जिस स्थान पर मासूम बच्चों का इलाज हो रहा है, उसके बिल्कुल बगल में शवों का पोस्टमार्टम होना स्वास्थ्य मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लोगों का आरोप है कि इससे अस्पताल परिसर का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।

एक करोड़ की लागत से बना नया पोस्टमार्टम भवन बना शोपीस

जानकारी के अनुसार त्रिपुरारी सिंह नदी घाट के समीप करीब एक करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस नया पोस्टमार्टम भवन तैयार किया गया है। भवन का निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक वहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नया भवन बनने के बावजूद पुराने स्थान पर ही पोस्टमार्टम किया जाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब नया भवन पूरी तरह तैयार है तो उसका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा।

जमुई
पोस्टमार्टम से उठने वाली दुर्गंध और संक्रमण के खतरे से परिजनों में भारी आक्रोश

संक्रमण फैलने का बना रहता है खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एसएनसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड के आसपास साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण बेहद जरूरी होता है। नवजात बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, ऐसे में किसी भी प्रकार का संक्रमण उनके लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान कई बार तेज दुर्गंध फैल जाती है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से तत्काल इस व्यवस्था में बदलाव की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने जमुई प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द नए पोस्टमार्टम भवन में प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में उचित कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में किसी बड़ी समस्या से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्वास्थ्य विभाग से जवाब का इंतजार

इस मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा।

जमुई सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

जमुई सदर अस्पताल में एसएनसीयू के पास पोस्टमार्टम किए जाने का मामला स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर रहा है। नवजात बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द नए पोस्टमार्टम भवन को चालू करना जरूरी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

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