जमुई/सोनो: बिहार के जमुई जिले के सोनो पंचायत के वार्ड संख्या 4, 5 और 10 में इन दिनों गंभीर पेयजल संकट देखने को मिल रहा है। सरकारी योजनाओं के दावे जमीनी हकीकत में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। पीएचईडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) द्वारा कराई गई जलापूर्ति व्यवस्था महज दिखावा बनकर रह गई है।
इन वार्डों में, जहां अधिकांश आबादी मुस्लिम समुदाय की है, पिछले एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं आ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।
नल-जल योजना फेल, प्लांट बना शोपीस
सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना यहां पूरी तरह विफल साबित हो रही है। इलाके में लगे जलापूर्ति प्लांट बंद पड़े हैं या ठीक से काम नहीं कर रहे। मोटर चालू होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे पानी की तलाश में घर से निकल जाते हैं। घंटों भटकने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। इससे न केवल घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि लोगों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है।
क्या कहते हैं ग्रामीण?
रेहाना खातून:
“एक हफ्ते से नल सूखा पड़ा है। घर का सारा काम ठप हो गया है, पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।”
जैनब खातून:
“सुबह से शाम तक इंतजार करते हैं, लेकिन नल में एक बूंद पानी नहीं आता।”
मो. जाबिर:
“मोटर चलाने की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत में मोटर चलता ही नहीं है।”
वाहिद अंसारी:
“नल-जल योजना सिर्फ कागजों में है, जमीन पर इसका कोई फायदा नहीं दिखता।”
मो. सिराज:
“पीएचईडी का प्लांट बंद पड़ा है, पानी के लिए दूसरे मोहल्ले जाना पड़ता है।”
अभिनव कुमार:
“कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
साहेबजान:
“गर्मी बढ़ रही है और पानी की किल्लत भी, प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।”
गिद्धौर बाजार में पीने के पानी का संकट: भीषण गर्मी में राहगीर और ग्राहक परेशान.. ये भी पढ़े..
विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

क्या कहते हैं अधिकारी?
पीएचईडी सोनो के जेई रिंकू राज का कहना है:
“मोटर चलाकर जलापूर्ति की जा रही है। अगर कहीं पानी नहीं पहुंच रहा है तो जांच कराई जाएगी।”
कब मिलेगा समाधान?
सोनो पंचायत के इन वार्डों में पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। एक ओर सरकार हर घर जल पहुंचाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत लोगों की पीड़ा को साफ बयां कर रही है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
जमुई में आदिवासी समुदाय की स्थिति: योजनाएं कागजों में, जमीनी हकीकत अब भी बदहाल.. ये भी पढ़े
