गिद्धौर स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला होमगार्ड जवान पर पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का आरोप लगा। इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पत्रकार अस्पताल में एक अन्य खबर—नशा खुरानी के शिकार हुए व्यक्ति—की कवरेज के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड जवान संगीता कुमारी ने कथित तौर पर पत्रकारों से अभद्र भाषा में बात करनी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि इससे पहले 2 अप्रैल को एक अखबार में संगीता कुमारी के ड्यूटी के दौरान सोने की खबर प्रकाशित हुई थी, जिसके बाद से वह पत्रकारों से नाराज चल रही थीं।

पत्रकारों को दी गई कथित धमकी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान महिला जवान ने पत्रकारों को धमकी देते हुए कहा कि
“तुमने मेरे खिलाफ खबर लिखी है, मेरा क्या बिगड़ जाएगा? मैं इसी तरह ड्यूटी करती हूं और करती रहूंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि
“जिसे जो करना है कर ले, मैं किसी से नहीं डरती, मेरे घर में ऊंचे पहुंच वाले लोग हैं।”
इतना ही नहीं, उन्होंने यह तक कह दिया कि अगर उनकी तबीयत ठीक होती तो वह उसी दिन पत्रकारों को सबक सिखा देतीं।
बीच-बचाव करने वालों से भी अभद्रता
मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने जब स्थिति को संभालने की कोशिश की, तो उनके साथ भी कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। इससे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मामले पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि वे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से बात कर पूरे मामले की जानकारी लेंगे और संबंधित होमगार्ड विभाग के इंस्पेक्टर को इसकी सूचना दी जाएगी।
वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार और अनुशासन पर सवाल उठने लगे हैं। वही जब देश का चौथा स्तंभ को इस तरह धमकाया जाएगा तो तो पत्रकार निष्पक्ष हो कर कैसे काम कर पाएगा और जिन पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वो ही जब इस तरह काम करेगा तो सवाल तो उठना लाजिमी है। सभी पत्रकारों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
