जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत कोल्हुआ पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित धोबघट गांव में पिछले 15 वर्षों से सड़क की बदहाली, जलजमाव और कीचड़ की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन और विकास के सरकारी दावे यहां पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।

पैदल चलना तक मुश्किल, वाहन फंस रहे कीचड़ में

गांव की मुख्य सड़क की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। दोपहिया और चारपहिया वाहन अक्सर कीचड़ में फंस जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्षों पहले सड़क का निर्माण तकनीकी खामियों के साथ किया गया था, जिसका खामियाजा आज तक भुगतना पड़ रहा है। साथ ही अवैध कब्जा यानी एनक्रोचमेंट (Encroachment) की वजह से भी सड़क और सकरी हो गई । हालात यह है कि अगर कोई घटना घटती है तो एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड यानी अग्नि बुझाने वाली गाड़ियों का निकलना मुश्किल है।

गलत निर्माण से बिगड़ी जल निकासी व्यवस्था

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के दोनों किनारों को ऊंचा और बीच के हिस्से को नीचा छोड़ दिया गया, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। हल्की बारिश होते ही सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जो कई दिनों से लेकर महीनों तक सड़ता रहता है। इससे आसपास दुर्गंध फैलती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

कोल्हुआ
जल भराव की समस्या से ग्रामीण परेशान

4-5 गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बनी ‘मुसीबत’

यह सड़क चार से पांच गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, गेरुआडी, सिमरिया, प्रधांचक, हरदीमोड गांव शामिल है लेकिन बरसात के समय पूरा इलाका टापू में तब्दील हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय निवासी विकास कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान सड़क से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है। वाहनों के गुजरने पर कीचड़ के छींटे राहगीरों पर पड़ते हैं।
वहीं वार्ड सदस्य सच्चिदानंद मिश्रा और जयकिशोर सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द सड़क का सुदृढ़ीकरण और पक्की नालियों का निर्माण नहीं हुआ, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

कोल्हुआ पंचायत के जनप्रतिनिधि का मूकदर्शक होना

जनप्रतिनिधि वार्ड सदस्य, मुखिया, सरपंच को ये आम जनता की समस्या दिखाई नहीं देती ये लोग क्यू चुपचाप बैठे है क्या ?

क्या इसी दिन के लिए उनको चुन कर पंचायत में भेजा था?

स्थायी समाधान की मांग तेज

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। सड़क को ऊंचा कर पक्की नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके और गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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