गिद्धौर/जमुई। एक ओर पूरा देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा था, तिरंगा शान से लहरा रहा था, वहीं सुबह गिद्धौर में अपराधियों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बेखौफ हथियारबंद बदमाशों ने पूर्व सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी के घर घुसकर न सिर्फ लूटपाट की, बल्कि पूरे परिवार को बेहोशी का इंजेक्शन देकर मौत के साए में छोड़ दिया। ये घटना गिद्धौर थाना से महज़ 15 से 20 मीटर की दूरी पर हुआ है।
ताला तोड़कर घुसे बदमाश, पिस्टल के साए में परिवार बंधक
जानकारी के अनुसार, करीब पांच हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने सुबह डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी के घर का ताला तोड़ा और भीतर घुस गए। बदमाशों के हाथों में हथियार थे और आंखों में खौफ। पिस्टल की नोंक पर पहले डॉक्टर दंपती को बंधक बनाया गया, फिर पूरे घर में दहशत फैला दी गई।
बेहोशी का इंजेक्शन, चीख भी नहीं निकल पाई
बदमाशों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। उन्होंने डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी और उनकी पत्नी पुष्पम सत्यार्थी को जबरन बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। इसी दौरान बाथरूम से बाहर निकले पुत्र डॉ. विक्रम सत्यार्थी को भी अपराधियों ने इंजेक्शन देकर अचेत कर दिया। कुछ ही पलों में पूरा घर खामोशी में डूब गया।

सुबह 8:30 बजे खुला राज, तीनों अचेत मिले
घटना का खुलासा सुबह करीब 8:30 बजे हुआ, जब पड़ोसियों को घर से कोई हलचल नहीं दिखी। दरवाजा खुलवाने पर भीतर का दृश्य देख लोग सन्न रह गए। तीनों सदस्य बेहोशी की हालत में पड़े थे। सूचना मिलते ही झाझा विधायक दामोदर रावत समेत बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में सभी को जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है।

पीड़ित डॉक्टर का दर्द: “हमें मारने की सुपारी की बात कह रहे थे”
होश में आने के बाद पीड़ित डॉ. विक्रम सत्यार्थी ने कांपती आवाज में आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया—
“सुबह उठकर हम लोग हॉल में बैठे थे, तभी पांच हथियारबंद नकाबपोश घर में घुस आए। मां-पापा और मुझे बंदूक की नोंक पर बंधक बना लिया। बदमाश कह रहे थे कि घर में 80 लाख रुपये हैं, हमें किसी ने बताया है।
आपस में बात कर रहे थे कि पिता और पुत्र को मारने की सुपारी मिली है। पिस्टल दिखाकर जबरदस्ती इंजेक्शन लगा दिया, उसके बाद कुछ याद नहीं।”
डॉ. विक्रम की आंखों में डर और सवाल साफ दिख रहे थे—क्या अब घर भी सुरक्षित नहीं?

गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जिस दिन देश संविधान और कानून के सम्मान का पर्व मना रहा था, उसी दिन इस तरह की वारदात ने आम लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना भर दी है। सवाल यह है कि जब एक वरिष्ठ डॉक्टर का परिवार सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या?
गिद्धौर पुलिस का बयान: जांच शुरू, CCTV खंगाले जा रहे
गिद्धौर थाना के एसआई जयप्रकाश सिंह ने बताया—
“जब हम लोग मौके पर पहुंचे तो परिवार के सभी सदस्य बेहोशी की हालत में थे। उन्हें तुरंत सदर अस्पताल भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना सुबह 5 से 6 बजे के बीच की है। पीड़ितों के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद बयान दर्ज किया जाएगा। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हर बिंदु पर जांच जारी है।”
इलाके में दहशत, जल्द गिरफ्तारी की मांग
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे गिद्धौर और जमुई इलाके में दहशत का माहौल है। लोग पुलिस से जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि कानून पर लोगों का भरोसा बना रहे।
